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सुप्रीम कोर्ट ने 22504 मामलों का किया निपटारा, CJI बोले- कोई सुनने वाला नहीं तो हम हैं, तत्तकाल करेंगे सुनवाई

सीजेआई ने कहा कि जब यह मामला 17 अप्रैल को सूचीबद्ध है तो यह 17 अप्रैल को ही आएगा। इसे 14 अप्रैल को पाने के लिए आप क्यों कोशिश कर रहे हैं।

डीवाई चंद्रचूड़

CJI DY Chandrachood: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2022 से 11 अप्रैल 2023 के बीच 22504 मामलों का निपटारा किया है। आठ नए न्यायाधीशों के अभिनंदन समारोह के दौरान बोलते हुए CJI ने कहा कि इसी अवधि के दौरान 22208 नए मामले दायर किए गए। जबकि 104000 मामले सूचीबद्ध किए गए।

उन्होंने देशभर के नागरिकों को संदेश दिया कि अगर उनके साथ कुछ मनमानी की जा रही है, उनका घर तोड़ा जा रहा है या उन्हें मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया जा रहा है तो देश में कोई सुनने वाला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, दूसरी तरफ सीजेआई ने मंगलवार को एक वकील को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि आप मेरे अधिकार के साथ खिलवाड़ न करें। दरअसल, एक वकील सुनवाई की जल्द तारीख पाने के लिए एक मामले का उल्लेख करने की कोशिश कर रहा था। CJI ने कहा कि मामला पहले से ही 17 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

इसके बाद वकील ने इस मामले को दूसरी बेंच के सामने रखने की मांग की। जिस पर CJI ने वकील से पूछा कि आपकी तारीख 17 अप्रैल है। आप 14 अप्रैल की तारीख पाने के लिए किसी अन्य पीठ के समक्ष इसका उल्लेख करना चाहते हैं? इसके बाद वकील ने पीठ को बताया कि इसी तरह का मामला सोमवार को अदालत ने उठाया था और कुछ नए मामलों का भी उल्लेख किया गया था।

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    सीजेआई ने कहा कि अगर यह मामला 17 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध है तो यह 17 तारीख को ही आएगा। मेरे अधिकार के साथ खिलवाड़ न करें। सीजेआई ने उनसे आगे कहा कि मेरे साथ ये चाल मत खेलो। आप पहले की तारीख के लिए यहां और फिर कहीं और इसका उल्लेख नहीं कर सकते।

    एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह ने अदालत को अवगत कराया कि वे पिछले छह महीने से इस मामले को सूचीबद्ध करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब एससीबीए अध्यक्ष ने मामले को सूचीबद्ध करने का आग्रह किया तो उन्होंने यह भी कहा कि अगर मामला सूचीबद्ध नहीं हुआ तो उन्हें इसे न्यायाधीश के आवास पर ले जाना होगा। CJI चंद्रचूड़ ने अपना आपा खो दिया और वरिष्ठ वकील से पूछा कि क्या यह व्यवहार करने का तरीका है?

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