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कोरोना पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश- 24 घंटे में पोर्टल और विशेषज्ञों की कमेटी बनाए केंद्र

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस (कोविड-19) पर सूचना के लिए एक पोर्टल और विशेषज्ञों की कमेटी गठिन करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच शहरों से श्रमिकों के पलायन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च को सुनवाई आगे बढ़ाई। इस बीच कोर्ट ने केंद्र से कहा कि प्रवासी अभी भी घूम रहे हैं?

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इसके जवाब में केंद्र की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, '22 लाख 88 हजार से ज्यादा लोगों को खाना मुहैया कराया जा रहा है। ये जरूरतमंद, प्रवासी और दिहाड़ी मजदूर हैं।' बता दें भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेंच ने श्रमिकों के पलायन के मामले पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की।

इस मामले में 30 मार्च को वकील अलख आलोक श्रीवास्तव और रश्मि बंसल की तरफ से जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, श्रीवास्तव ने अपनी याचिका में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए खाना, पानी और आश्रय की मांग की, जो पैदल चलकर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। इस मामले में कोर्ट ने केंद्र द्वारा उठाए जा रहे कदमों को लेकर 31 मार्च तक स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा था।

इसपर केंद्र ने जानकारी देते हुए कहा कि जिनमें भी वायरस के लक्षण पाए गए हैं, उन्हें क्वरंटाइन में भेज दिया गया है। इसके साथ ही जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं उनको भी 14 दिन के लिए आइसोलेशन में रखा जाएगा। यात्रियों की देखरेख करने के लिए एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। केंद्र ने कहा कि 28 दिनों की सीमा के भीतर 3 लाख 48 हजार मामले निगरानी में थे।

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    इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या आपने उन लोगों को ट्रैक किया जिनमें लक्षण नहीं मिले थे, या उन्हें जाने दिया? इसके जवाब में केंद्र की ओर से कहा गया कि हमने उन्हें हेल्पलाइन नंबर दिया है और उनसे लक्षणों के बारे में पूछा भी है। केंद्र ने कहा कि जब हमें इस बीमारी के बारे में पता चला तब पुणे में केवल एक लैब थी। इसके बाद केंद्र ने परीक्षण क्षमता बढ़ाई, जनवरी 2020 में सिंगल लैब से लेकर देशभर में अब 118 लैब हैं, जिसमें रोजाना 15,000 जांच की जा सकती हैं।

    इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कहा कि सौभाग्य से हमारे देश ने निवारक और निरोधक कदम उठाए गए। हमने 17 जनवरी से तैयारी शुरू कर दी थी। देश में पहला मामला सामने आने से पहले ही हमने तैयारी शुरू कर दी थी। हम वायरस के प्रसार को बहुत कम करने में सक्षम हैं। अन्य देशों ने जो किया, हमने उससे बहुत आगे कदम बढ़ाया है। कोरोना वायरस के मामलों का पता लगाने के लिए हमने विदेश से लौटने वाले व्यक्तियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी।

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    English summary
    supreme court asks centre to set up committee of experts and portal on coronavirus with 24 hours
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