चीन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को राहत, दो साल बाद कोर्स पूरा करने जा सकेंगे वापस
नई दिल्ली, 29 अप्रैल: चीन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। बीजिंग में मौजूद भारतीय दूतावास के मुताबिक कोविड की वजह से जो छात्र दो साल पहले चीन छोड़ने को मजबूर हुए थे, वो वापस आकर पढ़ाई कर सकते हैं। ये फैसला भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की 22 मार्च को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बैठक के बाद आया है। उम्मीद जताई जा रही कि इससे हजारों छात्रों को राहत मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों की राय इस मामले में अलग है। उन्होंने कहा कि ये एक ओपन-एंडेड प्रक्रिया नहीं है और इस बात की कोई गारंटी नहीं कि सभी छात्र अपने पाठ्यक्रमों में वापस आ सकेंगे क्योंकि प्रक्रिया से जुड़ी कुछ शर्तें हैं। मंत्रालय के मुताबिक जरूरत के हिसाब से छात्रों को वापसी की सुविधा दी जाएगी। इसका मतलब है कि छात्रों की एक सूची तैयार होगी, जिन्हें कॉलेज और विश्वविद्यालयों में तुरंत लौटने की जरूरत है। फिर इस सूची को विचार के लिए चीनी अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा। दूतावास ने भारतीय छात्रों से 8 मई तक एक गूगल फॉर्म भरने को कहा है।
दूतावास ने आगे कहा कि एक बार जब एकत्रित जानकारी चीनी पक्ष के साथ साझा की जाती है, तो वे सूची को सत्यापित करने के लिए संबंधित चीनी विभागों से परामर्श करेंगे और ये बताएंगे कि क्या पहचाने गए छात्र पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए चीन की यात्रा कर सकते हैं। उम्मीद जताई जा रही कि तय वक्त में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि चीनी पक्ष ने ये कहा कि वापस आ रहे छात्रों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। साथ ही अगर उनको क्वारंटीन किया जाता है, तो उसका खर्च वो खुद उठाएंगे। इसके पीछे की वजह चीन में बढ़ते कोरोना केस को बताया जा रहा है।












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