Bigg Boss की वो कंटेस्टेंट जिसे 'डायन' बुलाते थे लोग, पैदा होते ही जमीन में कर दिया गया था दफन
मुंबई। पिछले महीने यानी 21 फरवरी, 2021 को खत्म हुए बिग बॉस सीजन 14 की चर्चा आज भी जारी है। बीबी 14 की विनर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक इन दिनों हर तरफ खबरों में छाई हुई हैं। पिछले 14 सीजन से बिग बॉस के कंटेस्टेंट अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। ऐसे ही एक कंटेस्टेंट के बारे में बताने के लिए हम आपको बिग बॉस 5 के सफर पर ले जाने वाले हैं। क्या आप को राजस्थान की लोक नृत्यांगना गुलाबो सपेरा याद हैं?

बिग बॉस 5 में नजर आई थीं गुलाबो सपेरा
बिग बॉस के सीजन 5 में नजर आई लोक नृत्यांगना गुलाबो सपेरा उन दिनों अपने जीवन के संघर्ष को लेकर काफी सुर्खियों में रही थीं। अगर आपने बिग बॉस का सीजन 5 मिस कर दिया है तो हम एक बार फिर से गुलाबो सपेरा के लाइफ की दर्दनाक कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। घुमंतू कालबेलिया समुदाय से ताल्लुक रखने वालीं गुलाबो सपेरा ने बिग बॉस 5 में दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। गुलाबो का जन्म 1960 में राजस्थान के अजमेर जिले के कोटड़ा गांव में हुआ था।

पैदा होती ही जमीन में दफन कर दिया गया
आपको बता दें कि पुराने जमाने में राजस्थान में लड़की पैदा होने को अभिशाप समझा जाता था। गुलाबो सपेरा के जन्म के समय भी कुछ ऐसा ही हुआ था। बिग बॉस 5 में लड़की होने पर अपने साथ हुए भेदभाव को लेकर गुलाबो सपेरा ने कई खुलासे किए थे। सीजन में बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुईं गुलाबो ने बताया कि जब उनका जन्म हुआ तो पिता घर से दूर थे, ऐसे में जब रिश्तेदारों और अन्य लोगों को पता चला कि बेटी पैदा हुई है तो उन्होंने गुलाबो को जमीन में जिंदा दफन कर दिया।

मां और मौसी ने बचाई जान
हालांकि गुलाबो की मां और पिता को इस घटना के बारे में पता नहीं था। गुलाबो ने बताया कि जन्म के बाद जब उनकी मां की आंख खुली और इस घटना का पता चला तो वह रोने लगीं। उन्होंने लोगों से रोते हुए गुजारिश की कि उन्हें उस स्थान का पता बता दें जहां गुलाबों का गाड़ा गया था। गुलाबों की मां कि किसी ने ना सुनी। गुलाबो की मौसी को इस बात की जानकारी थी और वह उनकी मां को उस स्थान तक लेकर गईं।

डायन बुलाते थे लोग
जब मां और मौसी ने गुलाबो को जमीन से बाहर निकाला तो पाया कि उनकी सांसें अभी भी चल रही थी। दरअसल, गुलाबो के समुदाय के लोग सपेरे होते हैं और सांपों को नचाकर गुजारा करते हैं। इस समुदाय में लड़की होना गलत संकेत माना जाता है। अपने एक इंटरव्य में गुलाबो ने बताया था कि यह समुदाय घुमंतू होता है जिस वजह से लड़कियों की सुरक्षा की चिंता, खर्च और शादी को फालतू माना जाता है। इसलिए जब वहां बेटी पैदा होती थी तो उसे जमीन में गाड़ दिया जाता था। जमीन से जिंदा निकलने के बाद कई लोग उन्हें 'डायन' बुलाने लगे थे। बता दें कि साल 2016 में गुलाबो सपेरा को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था।
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