FTII में गजेंद्र चौहान को बनाया जाता बलि का बकरा
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) पुणे के FTII में बवाल जारी है गजेन्द्र चौहान को लेकर। पर जब राजीव गांधी बिना किसी पूर्व अनुभव के प्रधानमंत्री बनकर देश चला सकते हैं, सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी चला ली तो गजेंद्र चौहान FTII क्यों नहीं चला पाएंगे?
इससे पहले FTII के जो चीफ हुए हैं, जो तथाकथित बड़े नाम हुए हैं, उन्होंने कौन सा बड़ा काम करके दिखा दिया? उनकी लीडरशिप में FTII ने देश को कितने सत्यजीत रे दे दिए।
किसकी बपौती
वरिष्ठ चिंतक नदीम अख्तर कहते हैं कि माना क्रिएटव फील्ड है लेकिन क्रिएटिविटी किसी की बपौती है क्या? ये कैसे मान लिया जाए कि क्रिएटिविटी में गजेंद्र चौहान, अमिताभ बच्चन या हेमा मालिनी से कमतर हैं?
हो सकता है कि गजेंद्र को अपने करियर में अमिताभ के माफिक मौके ना मिले हों, उनके नसीब ने साथ ना दिया हो लेकिन इंडस्ट्री में इतना लम्बा अरसा गुजारने के बाद गजेंद्र को कमतर क्यों आंका जाए?
सिर्फ एक पैरा पढ़ा और गजेंद्र सिंह को बना दिया गया FTII का मुखिया
नहीं छुपा
बड़ा सवाल ये है कि सिर्फ गजेंद्र चौहान पर ही सवाल क्यों उठाए जाएं। इस देश का सबसे बड़ा पब्लिक ब्रॉडकास्टर यानी दूरदर्शन-राज्यसभा टीवी-लोकसभा टीवी जब अपना मुखिया चुनता है तो वहां क्या-क्या होता है, ये किसी से छुपा नहीं है। बता दें कि अब अनुपम खेर और रिषी कपूर ने भी गजेन्द्र चौहान से कहा है कि वे उक्त संस्थान में जाने के अपने इरादे को टाल दें।













Click it and Unblock the Notifications