स्टेन स्वामी की सेहत को लेकर एनएचआरसी ने महाराष्ट्र सरकार को भेजा नोटिस, रिपोर्ट मांगी
स्टेन स्वामी की सेहत को लेकर एनएचआरसी का महाराष्ट्र को नोटिस, रिपोर्ट मांगी
मुंबई, 4 जुलाई: एल्गार परिषद-माओवादी लिंक मामले में गिरफ्तार एक्टिविस्ट और पादरी स्टेन स्वामी की सेहत को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने चिंता जताई है। एनएचआरसी ने 84 वर्षीय स्टेन स्वामी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में मिली एक शिकायत के आधार पर रविवार को महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया। वहीं मानवाधिकार पर पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत मैरी लॉलर ने भी स्टेन के मामले को लेकर सवाल खड़ा करते हुए राज्य सरकार से उनके साथ बेहतर व्यवहार करने की अपील की है।

एनआचआरसी ने अपने नोटिस में महाराष्ट्र सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्वामी को जीवन रक्षक उपाय के तहत उचित चिकित्सा देखभाल और उपचार प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाए। आयोग ने स्टेन के इलाज के रिकॉर्ड के संबंध में एक रिपोर्ट भी मांगी है।
पादरी स्टेन स्वामी इन दिनों मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। 84 साल के स्टेन स्वामी का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद 28 मई को उनको नवी मुंबई में स्थित तलोजा जेल से शहर के होली फैमिली अस्पताल लाया गया था। जहां उनको कोरोना संक्रमित भी पाया गया था। 28 मई के बाद से वो यहीं भर्ती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट को देखते हुए पहले 18 जून और बाद में 5 जुलाई तक उन्हें अस्पताल में ही रखने का आदेश दिया था।
स्टेन स्वामी एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में आरोपी हैं और वह अक्टूबर, 2020 में गिरफ्तारी के बाद से तलोजा जेल में बंद हैं। एनआईए ने स्टेन स्वामी पर 2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में शामिल होने और नक्सलियों के साथ संबंध होने के आरोप लगाए हैं। उनके ऊपर गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए भी लगाया गया है। पुणे के पास भीमा कोरेगांव में एक युद्ध स्मारक के पास एक जनवरी 2018 को हिंसा भड़की थी। इसके एक दिन पहले ही पुणे शहर में एल्गार परिषद का सम्मेलन हुआ था। एनआईए का आरोप है कि एल्गर परिषद के एक कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिए गए थे। जिसमें स्टेन भी शामिल थे।












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