दमदार प्रवक्ता जो कभी कांग्रेस की आवाज थे, अब गा रहे मोदी सरकार के गीत, इनके BJP में जाने की क्या है वजह?
लोकसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक एक पखवाड़ा पहले कांग्रेस के दिग्ग्ज प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस को बाय-बाय बोल दिया है। वे आज ही बीजेपी में शामिल हुए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा से '5 ट्रिलियन में कितने जीरो होते हैं?' पूछकर उन्हें चौंका देने वाले गौरव वल्लभ अक्सर ही मोदी सरकार पर अपने तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहते थे, लेकिन अब वे टीवी चैनलों पर केंद्र सरकार की प्रशंसा के गीत गाते नजर आएंगे।
गौरव वल्लभ ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कहा, 'कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है,उसमें मैं खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूं। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं।'

भारतीय राजनीति में प्रवक्ताओं के पलायन की घटना अन्य नेताओं के पार्टी बदलने की तुलना में अधिक रोमांचक है। हर शाम-रात या फिर दिन में भी सज-धज कर टीवी कैमरों या स्टूडियो में बैठ कर खुली आवाज में कांग्रेस की प्रशंसा करने और बीजेपी की निंदा करने में माहिर हो चुके ये प्रवक्ता अब इसके इसके ठीक उलट करते नजर आते दिखाई देते हैं।
प्रवक्ताओं का पाला बदलना इसलिए भी चौंकाता है क्योंकि ये किसी अन्य नेता की तुलना में पार्टी की विचारधारा से अधिक जुड़े नजर आते हैं। ये टीवी स्टूडियों में दूसरे दलों और विचारों के प्रति अवमानना का भाव प्रदर्शित करने में आगे रहते हैं। कई बार जनता इन्हें सुनकर किसी पार्टी के बारे में अपनी राय बनाती है। यही वजह है कि अचानक इनका दूसरा पक्ष चुन लेना हैरान करता है।
प्रवक्ता गौरव वल्लभ से पहले बीजेपी का दामन थामने वाले कांग्रेसी प्रवक्ताओं में खुशबू सुंदर, शहजाद पूनावाला, जयवीर शेरगिल, आदि शामिल हैं। कांग्रेस की एक अन्य चर्चित प्रवक्ता प्रियंका चतुवेर्दी अब शिवसेना का हिस्सा बन चुकी हैं।
जयवीर शेरगिल
कांग्रेस के साथ एक दशक बिताने और प्रवक्ता रूप में बेहद चर्चित रहे जयवीर शेरगिल ने दिसंबर 2022 में बीजेपी में शामिल हो गए थे। वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। कांग्रेस में रहते हुए शेरगिल भाजपा पर बेहद आक्रामक ढंग से हमला किया करते थे। साथ ही भाजपा का पैतृक संगठन कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी गंभीर आरोप लगाते थे। लेकिन उनका पार्टी से मोहभंग हो गया। पार्टी छोड़ते वक्त जयवीर शेरगिल ने पार्टी छोड़ते वक्त कांग्रेस पर कड़े आरोप लगाए थे।
शहजाद पूनावाला
ग्रैंड ओल्ड पार्टी के एक अन्य प्रमुख चेहरे शहजाद पूनावाला ने 2017 में तब सुर्खियां बटोरीं जब उन्होंने कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों को "दिखावा" कहा। बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए। शहजाद पूनावाला कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के रिश्तेदार हैं। वे प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के बहनोई तहसीन पूनावाला के भाई हैं। शहजाद अक्सर टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष रखते हुए नजर आते थे लेकिन अब वे बड़े ही दमदार तरीके से बीजेपी का बचाव करते नजर आते हैं।
कांग्रेस की चर्चित प्रवक्ता रही खुशबू सुंदर ने 2020 में कांग्रेस छोड़ भगवा दल का दामन थाम लिया था। 'मोदी का अर्थ बदलकर भ्रष्टाचार कर देना चाहिए' कहने वालीं खुशबू सुंदर अब राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की सदस्य हैं।
कांग्रेस छोड़ने वाले अधिकांश प्रवक्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और खासतौर पर राहुल गांधी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप रहा है कि राहुल गांधी के आसपास अनुभवविहीन लोग हैं। पार्टी में अब न तो इच्छा शक्ति बची है और न ही काबिलियत।
अब प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भी उन बातों को ही दोहराया है जो अन्य कांग्रेस छोड़ने वाले नेता कहते आए हैं। अब हकीकत कुछ भी हो लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक शानदार प्रवक्ता का पार्टी छोड़ जाना कांग्रेस के जनसंपर्क अभियान के लिए एक बड़ा झटका है।












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