एसपी सलविंदर सिंह और उनके दोस्त के बयान में अंतर, खड़े हुए सवाल

चंडीगढ़। पठानकोट में जिस तरह से आतंकियों ने एयरफोर्स के बेस स्टेशन पर हमला बोला है उसके बाद 7 जवान शहीद हो गये उसने एयरबेस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। पठानकोट आतंकी हमला: पाकिस्तानी ब्रान्ड 'Epcot' के जूते पहने थे आतंकी

salvinder singh

एसपी के साथ दो और लोग थे

आतंकियों ने एयरफोर्स के बेस स्टेशन पर पहुंचने से पहले एसपी सलविंदर सिंह को बंधक बनाकर उनकी कार को अपने कब्जे में ले लिया। एसपी सलविंदर सिंह के साथ उनके ड्राइवर और उनका मित्र भी था। पठानकोट हमला: भारत ने पाकिस्तान को सौंपे सबूत, अब एक्शन का इंतजार

सलविंदर सिंह ने जिस तरह से आतंकियों के चंगुल से छूटने के बाद बयान दिया है उसने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। सलविंदर सिंह जिस वक्त नये वर्ष के मौके पर धार्मिक स्थल को जा रहे थे उसी वक्त चार से पां आतंकियों ने उन्हें बंधक बना लिया।

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सलविंदर सिंह ने बताया कि वह बिना वर्दी के सरकारी गाड़ी से जा रहे थे। वह रात को 11 बजे के आस-पास वापस लौट रहे थे। उसी वक्त कुछ लोगों फौज की वर्दी में हमें रोक लिया और उन्होंने हमसे गाड़ी की लाइट बंद करने के लिए कहा और कार में जबरन घुसकर हमें पीछे जबरन फेंक के बैठा दिया।

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5 आतंकी और एसपी के साथ दो लोग

सलविंदर सिंह ने बताया कि आतंकियों ने मेरा मुंह, हाथ और आंख को बंद कर के मुझे पीछे बैठा दिया। उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई हथियार नहीं था और आतंकियों के पास एके 47 था लिहाजा मैं उन लोगों से लोहा नहीं लिया

यही नहीं आतंकियों ने सलविंदर सिंह का मोबाईल फोन ले लिया। एसपी सलविंदर सिंह का कहना है कि आतंकी उर्दू और हिंदी में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब मैंने इस बाबत सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी तो लोगों ने मुझपर यकीन नहीं किया।

एसपी ने बताया कि कुछ देर बात आतंकियों ने उन्हें कार से बाहर फेंक दिया और उन्हें धमकी दी कि वह इस बाबत किसी को भी नहीं बताये नहीं तो इसके खतरनाक अंजाम हो सकते हैं।

एसपी के साथ उनके मित्र राजेंद्र शर्मा को गला काट दिया और उन्हें बुरी तरह से पीटा जिसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हैं। सलविंदर सिंह ने बताया कि जब आतंकियों को पता चला कि मैं एसपी हूं तो वह पलटकर मुझे मारने के लिए आये लेकिन उपर वाले की दया से मैं बच गया।

एसपी और उनके दोस्त के बयान में अंतर

लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि सलविंदर सिंह के साथ उनके मित्र राजेंद्र ने अपने बयान में कहा कि जब उन्हें आतंकियों ने रोका तो उन्होंने शीशा नीचे करके उन्हें बताया कि एसपी साहब बैठे हैं। वहीं एसपी सलविंदर सिंह का कहना है कि आतंकियों को इस बारे में जानकारी नहीं थी कि मैं एसपी हूं। ऐसे में दोनों बयानों में अंतर एसपी सलविंदर सिंह पर सवालिया निशान खड़े करते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सलविंदर सिंह के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ ड्रग एडिक्ट मामले केस चल रहा है और उनके प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गयी है।

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