बाढ़ के बीच किताबें देख रोती लड़की की मदद को आगे आए सोनू सूद, बोले- आंसू पोंछ ले बहन
बाढ़ के बीच किताबें देख रोती लड़की की मदद को आगे आए सोनू सूद, बोले- आंसू पोंछ ले बहन
नई दिल्ली। एक्टर सोनू सूद एक बार फिर किसी जरूरतमंद की मदद के लिए आग आए हैं। ट्विटर पर शेयर एक वीडियो को देखने के बाद आदिवासी लड़की को उन्होंने नया घर दिलाने का वादा किया है। बाढ़ में घर बह जाने के बाद फूट फूटकर रो रही और अपनी किताबें देख रही लड़की का वीडियो देखने के के बाद सोनू ने कहा है कि वो उनको नया घर और किताबें दिलाएंगे।

किताबें भी नयीं होंगी.. घर भी नया होगा
मुकेश चंद्राकर ने एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया। जिसमें एक लड़की रोती दिख रही है। उन्होंने लिखा, 15-16 अगस्त की दरम्यानी रात आये बाढ़ में अंजली का घर लगभग जमींदोज हो गया। नेस्तानाबूद हुए घर को देखकर तो नहीं मगर बांस की बनी टोकरी में रखी हुईं अपनी भीगी हुई पुस्तकों को देख इस आदिवासी बच्ची के आंखों में आंसू आ गए। किसी आदिवासी बच्ची में ऐसा पुस्तक प्रेम मैंने पहली दफे देखा। इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए सोनू ने लिखा- आंसू पोंछ ले बहन, किताबें भी नयीं होंगी.. घर भी नया होगा।

गोरखपुर की लड़की का कराया ऑपरेशन
सोनू सूद ने गोरखपुर की एक लड़की का भी ऑपरेशन कराया है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट प्रज्ञा मिश्रा का इसी साल फरवरी महीने में कोचिंग जाते समय एक्सीडेंट हो गया था। एक्सीडेंट में प्रज्ञा के पैर के लिगामेंट में गंभीर चोट लग गई थी, जिसकी वजह से वह बिस्तर पर पड़ गई थी। प्रज्ञा ने फिल्म अभिनेता सोनू सूद को ट्वीट कर मदद मांगी, जिसके बाद फिल्म स्टार सोनू सूद ने न सिर्फ तत्काल प्रतिक्रिया दी, बल्कि लिगामेंट के ऑपरेशन का दिल्ली के नामी अस्पताल में इंतजाम भी कर दिया। छात्रा परिवार के साथ दिल्ली गई और वहां पर उसे वह सारी सुविधाएं निशुल्क मिलीं। इलाज कराने के बाद प्रज्ञा अब सबकुशल गोरखपुर लौट आई हैं। प्रज्ञा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद वीडियो कॉलिंग के जरिए सोनू सूद ने उनका हालचाल लिया और 'गेट वेल सून' कहा।

लोगों की मदद कर बनाई है अलग पहचान
सोनू सूद कोरोना वायरस फैलने के बाद लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद ने हजारों प्रवासी मजदूरों और कामगारों को उनके घर भेजा था। इसके बाद से लगातार सोशल मीडिया पर लोग उनसे मदद मांगते हैं। वो लगातार मदद करते भी हैं। एक्टर के तौर पर सोनू सूद पहले से मशहूर रहे हैं लेकिन कोरोना संकट के बाद उनकी ये नई पहचान बनी है। सोनू सूद ने 'प्रवासी रोजगार' नामक एक पोर्टल की शुरुआत भी की है, जिसके माध्यम से वो मजदूरों को राजगार दिलाने का काम कर रहे हैं। कुछ समय पहले अपने बर्थडे पर उन्होंने तीन लाख लोगों को नौकरियों का वादा किया था।
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