यूपी चुनावों में सोनिया-प्रियंका का बदल जाएगा सुरक्षा घेरा, जानिए क्या हो रहा है बदलाव
नई दिल्ली, 22 दिसंबर: पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में अब जब सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी प्रचार के लिए पहुंचेंगी तो उनके सुरक्षा घेरे में सीआरपीएफ की महिला सुरक्षकर्मी भी दिखाई देंगी। इसके लिए सीआरपीएफ ने 32 महिला सुरक्षाकर्मियों को वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक विशेष ट्रेनिंग देकर तैयार किया है। माना जा रहा है कि जनवरी महीने से उत्तर प्रदेश से इसकी शुरुआत हो जाएगी। सोनिया-प्रियंका के साथ महिला सुरक्षाकर्मी इसीलिए तैनात की जा रही हैं, ताकि महिलाओं की भीड़ को संभालने में ज्यादा आसानी हो सके।

सोनिया-प्रियंका के सुरक्षा घेरे में महिला सुरक्षाकर्मी
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को बताया है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव शुरू होने से पहले वीवीआईपी सिक्योरिटी में ट्रेंड सीआरपीएफ की 32 महिला सुरक्षाकर्मियों की एक बैच को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी और गुरुशरण कौर (पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पत्नी) की सुरक्षा में तैनात कर दिया जाएगा। सीआरपीएफ की इन महिला कर्मियों को उत्तर प्रदेश के चुनावों के मद्देनजर वीवीआईपी की सुरक्षा ड्यूटी में लगाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इन महिला सीआरपीएफ कर्मियों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और जनवरी के दूसरे हफ्ते से उन्हें वीवीआईपी प्रोटेक्टीज की सिक्योरिटी में लगा दिया जाएगा।

सीआरपीएफ की महिला कर्मियों को दी गई है कठिन ट्रेनिंग
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'महिला सीआरपीएफ कर्मी जेड और जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त लोगों के साथ उनके उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के चुनावों के दौरान यात्रा के समय उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी।' उनके मुताबिक, 'महिला सुरक्षा कर्मियों ने वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनाती से पहले 10 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण को पूरा किया है।' अधिकारी ने ये भी बताया कि उनके पास जेड प्लस एएसएल (एडवांस्ड सिक्योरिटी लायजन) श्रेणी के पांच प्रोटेक्टी हैं, जिनमें गृह मंत्री अमित शाह, सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी शामिल हैं।

महिलाओं की भीड़ को संभालने में बनेंगी सहायक
महिला सुरक्षाकर्मियों की यह टीम मुख्य तौर पर महिला प्रोटेक्टी के राज्यों में चुनाव दौरे के समय उनकी सभाओं में महिलाओं की भीड़ को नियंत्रित रखने में सहायता करेंगी। इस समय सीआरपीएम के जिम्मे 12 जेड प्लस श्रेणी वाले वीआईपी और 22 जेड श्रेणी वाले वीआईपी की सुरक्षा है। उत्तर प्रदेश में बाकी चार राज्यों के साथ अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। (तस्वीरें सांकेतिक)

गांधी परिवार को पहले मिली हुई थी एसपीजी सुरक्षा
बता दें कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल के समय से एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन, मोदी सरकार ने उनकी सुरक्षा की समीक्षा के बाद बहुत बड़ा कदम उठाते हुए नवंबर, 2019 में इन तीनों से यह सुरक्षा वापस ले ली थी और इन्हें जेड प्लस विद एएसएल की सिक्योरिटी प्रदान की गई। एसपीजी का गठन 1985 में सिर्फ देश के प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के करीबी सदस्यों को सुरक्षा कवर देने के लिए किया गया था। आज की तारीख में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सुरक्षा प्राप्त है और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को देश की सबसे हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी सुरक्षा नहीं दी गई है।

यूपी चुनाव पर प्रियंका लगा रही हैं जोर
2017 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 403 में से 312 सीटें जीती थीं। जबकि, समाजवादी पार्टी 47, बहुजन समाज पार्टी 19 और कांग्रेस सिर्फ 7 सीटें सीट जीत सकी थी। इस बार सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी अपनी बेटी प्रियंका को दे रखी है। जाहिर है कि इस दौरान प्रियंका चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश में अंधाधुंध सभाएं करेंगी, इसी को ध्यान में रखकर उनके लिए और सोनिया गांधी के लिए महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।












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