Manipur violence: मणिपुर के लोगों को सोनिया गांधी का संदेश, 'बहुत दुखी हूं', देखिए Video

कांग्रेस संदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मणिपुर के लोगों से शांति की अपील की है।
उन्होंने लोगों से गुजारिश की है कि विश्वास फिर से कायम करें और इस कठिन परीक्षा से और भी मजबूत बनकर उभरें।

सोनिया ने कहा कि मणिपुर का इतिहास सभी जातियों, धर्मों और वर्ग के लोगों को गले लगाने की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'भाईचारे की भावना को पैदा करने के लिए बहुत ही भरोसे और सद्भावना की जरूरत होती है, जबकि एक गलत कदम से नफरत और विभाजन की आग को भड़काया जा सकता है।'

sonia gandhi on manipur violence

हमारे देश की अंतरात्मा पर गहरा घाव- सोनिया
कांग्रेस नेता ने कहा, '.....जिस अप्रत्याशित हिंसा ने आपके राज्य (मणिपुर) में लोगों के जीवन को तबाह किया है और हजारों लोगों को उजाड़ दिया है, उसने हमारे देश की अंतरात्मा पर गहरा घाव किया है.....घाव भरने के मार्ग पर चलने का हमारा चुनाव उस तरह के भविष्य को आकार देगा, जो हमारे बच्चों को विरासत में मिलेगा....'

'आज हम एक अहम चौराहे पर हैं.'
उन्होंने कहा, 'आज हम एक अहम चौराहे पर हैं....मैं मणिपुर के लोगों, खासतौर पर मेरी बहादुर बहनों से अपील करती हूं कि इस खूबसूरत भूमि पर शांति और सद्भाव लाने का मार्ग प्रशस्त करने की अगुवाई करें। ' सोनिया ने 2.59 मिनट के वीडियो में ये बातें कही हैं।

'मैं यह देखकर बहुत ही दुखी हूं कि....'
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा है कि एक मां होने के नाते वह मणिपुर की महिलाओं के दर्द को समझती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं यह देखकर बहुत ही दुखी हूं कि लोगों को उस जगह को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसे वह घर कहते हैं।'


वो बोलीं, 'मुझे मणिपुर के लोगों से बहुत उम्मीद और विश्वास है और मैं जानती हूं कि हम साथ मिलकर इस कठिन परीक्षा से पार पा लेंगे।' गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी भाजपा पर मणिपुर में 'विभाजनकारी राजनीति' करने का आरोप लगा रही है। उसका कहना है कि राज्य और केंद्र की सरकार इस राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में नाकाम रही है।

मंगलवार को 10 विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्हें सुनने का मौका न देकर उन्होंने मणिपुर के लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज किया है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार का हिंसाग्रस्त प्रदेश में शांति बहाल नहीं करने का कोई गुप्त एजेंडा है।

मणिपुर के पूर्व सीएम ओकराम इबोबी सिंह ने आरोप लगाया कि 10 दलों के नेता दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। वह कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि शांति बहाली के लिए प्रधानमंत्री से मिलना चाहते हैं।

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