पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम को लेकर सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, याद दिलाई सरकार की जिम्मेदारी
नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम में जिस तरह से पिछले 10 दिनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है, उसने पहले से ही कोरोना संकट की वजह से खराब आम लोगों की हालत को और भी बिगाड़ दिया है। वहीं पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सोनिया गांधी ने जो पत्र लिखा है उसमे कहा है कि यह सरकार का कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि वह लोगों के दुख को कम करे और लोगों को और अधिक कठिनाई में ना डाले।

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पत्र में सोनिया गांधी ने लिखा है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत को स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मैं इस बात को लेकर बहुत चिंतित हूं कि मार्च माह से यह समस्या बरकरार है, ऐसे में सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का असंवेदनशील फैसला लिया है, जोकि एक बार नहीं कई बार बढ़ाया गया। आपकी सरकार 260000 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल करना चाहती है, लेकिन आपको यह गलत सुझाव दिया गया है कि पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया जाए। मुझे इस बात में कोई तर्क नहीं दिखता है कि सरकार इस तरह के सुझाव पर विचार भी करे जब देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कोरोना के चलते लड़खड़ाई हुई है। लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं, लोगों के पास खाने को नहीं है, व्यापार, उद्योग-धंधे भारी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 9 फीसदी गिर गई है, लेकिन सरकार इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कुछ भी नहीं कर रही है जब लोग इतनी मुश्किल समय से गुजर रहे हैं। यह भी अहम है कि जब कच्चे तेल की कीम पिछले 6 वर्षों में पेट्रोल और डीजल पर भारी एक्साइज लगाकर आपकी सरकार ने अच्छा खासा राजस्व इकट्ठा किया है। पेट्रोल के दाम में 23.78 और डीजल के दाम में 28.37 रुपए की एक्साइज ड्यूटी सरकार वसूल रही है। पेट्रोल के दाम में 258 फीसदी एक्साइज ड्यूटी और डीजल के दाम में 820 फीसदी एक्साइज ड्यूटी को पिछले 6 वर्षों में बढ़ाया गया है, जिसके चलते सरकार को 1800000 करोड़ रुपए का कर हासिल हुआ है।
मैं आपकी सरकार से अपील करती हूं कि कच्चे तेल की कीमतों में हुई गिरावट का लाभ आम लोगों को दिया जाए। अगर आप चाहते हैं कि लोग आत्मनिर्भर बनें तो उनपर आर्थिक बोझ ना डाले, जिससे कि वह आगे ना बढ़ पाएं। मैं एक बार फिर से आपसे अपील करती हूं कि सरकार के संसाधनों का इस्तेमाल करें और लोगों के खाते में सीधा कैश ट्रांसफर करें ताकि मुश्किल के इस समय लोगों को राहत मिल सके।












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