'जबरन चुप कराने से हल नहीं होंगी देश की समस्याएं', PM मोदी पर सोनिया का हमला
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जबरन खामोशी भारत की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती है।

केंद्र सरकार पर राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और अडानी मामले पर कांग्रेस लगातार हमलावर है। अब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फिर एक बार मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सोनिया गांधी ने 'द हिंदू' अखबार में लिखे लेख में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर कई हमले किए। उन्होंने कहा है कि जबरन चुप्पी से देश की समस्याओं का हल नहीं होगा।
सोनिया ने 'एक जबरन चुप्पी भारत की समस्याओं को हल नहीं कर सकती' शीर्षक वाले लेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान "या तो आज के सबसे जरूरी, महत्वपूर्ण मुद्दों की उपेक्षा करते हैं, या इन मुद्दों से ध्यान हटाने या ध्यान भटकाने के लिए फिजूलखर्ची और जुबानी जिम्नास्टिक हैं।"
सोनिया गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार भारत के लोकतंत्र के सभी तीन स्तंभों को व्यवस्थित रूप से खत्म कर रही है। उन्होंने अपने लेख में संसद की घटनाओं के बारे में भी लिखते हुए सत्रों को बाधित करने के लिए सरकार के नेतृत्व वाली रणनीति का आरोप लगाया।
उन्होंने लिखा कि पिछले सत्र में हमने उस सरकारी रणनीति को देखा, जिसके तहत विपक्ष को बेरोजगारी, मुद्रास्फीति, सामाजिक विभाजन, बजट और अडानी जैसे मुद्दे को उठाने से रोका गया। सोनिया गांधी ने लिखा,"केंद्र सरकार को "दृढ़ विपक्ष" का मुकाबला करने के लिए कई उपायों का सहारा लिया। इनमें भाषणों को हटाना, चर्चा को रोकना, संसद सदस्यों पर हमला करना और आखिर में कांग्रेस के एक सांसद को तेज गति से अयोग्य घोषित करार दे दिया गया।"
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह केंद्रीय बजट 2023 को पारित करने के लिए ध्यान भटकाने वाले थे, जिसमें लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के खर्च की परिकल्पना की गई थी। सोनिया गांधी ने द हिंदू के अपने संपादकीय में लिखा कि नतीजतन, लोगों के पैसे का 45 लाख करोड़ रुपये का बजट बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया।












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