कानून मंत्री बोले- लोकतंत्र केवल 1975 में मरा, Sonia Gandhi ने न्यायपालिका-संसद-CBI सबको लपेटा!
सोनिया गांधी ने न्यायपालिका, संसद, सीबीआई जैसे मुद्दों पर पीएम मोदी पर हमलावर हैं। उनके हमले पर बीजेपी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पलटवार किया। जानिए सोनिया ने किन मुद्दों पर बातें कीं।

Sonia Gandhi PM Modi पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला कर चुकी हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लोकतंत्र खतरे में होने की बात को रेखांकित किया। हालांकि, भाजपा पर सोनिया गांधी के इस विस्तृत और तीखे हमले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने पलटवार किया।
लोकतंत्र की हत्या केवल एक बार
सोनिया के बयान के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सोनिया गांधी के बयान से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत एक बार फिर सामने आ गई है। बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार कर कहा, भारत में लोकतंत्र की हत्या केवल एक ही बार हुई है।
पीएम से नफरत सामने आई
धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और खिंचाई करते हुए कहा कि सोनिया की ओपिनियन पीस 'मोदी से नफरत, गलत प्राथमिकताओं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिकता के अतिरेक' का शादार उदाहरण है।
शिक्षा मंत्री का पलटवार- राजनीतिक संकट कांग्रेस में
बकौल शिक्षा मंत्री, कांग्रेस आज चौराहे पर है खड़ी है। राष्ट्र सीधे रास्ते पर है। भारत के साथ ऐसी स्थिति नहीं। आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे पुरानी पार्टी, राजनीतिक संकट के कगार पर है।
कानून मंत्री भी भड़के
प्रधान के अलावा केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सोनिया को लोकतंत्र के बारे में व्याख्यान देने' के लिए फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में बात करना कांग्रेस के लिए अनुपयुक्त है। ये 'भ्रामक बयान' है।
बिना नाम लिए हमला बोला
रिजिजू ने 'कुछ तत्वों' और 'व्यक्तियों' पर हमला करने वाले विभिन्न भाषणों के अंश भी साझा किए। कांग्रेस और गांधी परिवार का संदर्भ दिया। हालांकि उन्होंने दोनों में से किसी का भी नाम नहीं लिया।
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लोकतंत्र केवल एक बार- 1975 में मरा
ऐसे भाषण में कानून मंत्री ने कहा, "भारतीय लोकतंत्र केवल एक बार मरा ... 1975 में ... और उसके बाद कभी नहीं।" चुनी हुई सरकार से सभी सवाल पूछें, लेकिन अपने देश पर सवाल न उठाएं... अपने देश के खिलाफ न जाएं।
शासन का दैवीय अधिकार वाल सोच
बकौल रिजिजू, समस्या तब आती है जब लोगों का एक समूह मानता है कि उनके पास शासन करने का दैवीय अधिकार है। अगर कोई परिवार या व्यक्ति सोच रहा है कि वे सामान्य नागरिकों से ऊपर, उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त हैं ... फिर पूरी सोच एक अलग स्तर पर जाती है।
राहुल गांधी पर कटाक्ष
रिजिजू ने राहुल गांधी का मजाक उड़ाया और कहा, "मैं बहुत बारीकी से देख रहा हूं कि जो व्यक्ति सबसे ज्यादा बोलता है, अंदर और अंदर संसद के बाहर कह रहे हैं कि वह बोल नहीं सकते।"
किन मुद्दों पर मुखर हुईं सोनिया
बता दें कि सोनिया गांधी ने मंगलवार को प्रकाशित लेख में कहा, सरकार असली मुद्दों से भाग रही है। उन्होंने हिंडनबर्ग रिपोर्ट, अडानी की कंपनी में निवेश और राहुल गांधी को लोक सभा से अयोग्य करार देने जैसे मुद्दों पर भी लिखा।












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