'दोस्ताना' को 'गंदी बात' कहने से सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया निराश

उन्होंने कहा कि उम्मीद की जानी चाहिए कि संसद लोगों के जीवन और लोगों की आजादी की संवैधानिक गारंटी और उनके हितों का ध्यान रखेगी। सोनिया के अलावा कांग्रेस के की नेता समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश है। इनमें कैबिनेट मंत्री कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, अनु टंडन जैसे नेता शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने निराशा हाथ लगने के बाद अब लोगों की उम्मीदें संसद से बंधी हुई है। धारा 377 पर जारी इस बहस के बीच कैबिनेट मंत्री कपिल सिब्बल के साथ-साथ सोनिया गांधी ने यह कहकर लोगों के मन में उम्मीद जताई है कि संसद लोगों के हितों का ध्यान रखेंगी।
माना जा रहा है कि सरकार इस पैसले को बदलने के लिए जल्द अहम कदम उठाएगी। सोनिया ने फैसले को निराशाजनक बताकर लोगों की उम्मीद बढ़ा दी है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा-377 को हटाने से इनकार करते हुए समलैंगिकता को अपराध करार दिया था। इस अहम फैसले के बाद से ही एलजीबीटी समुदाय फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है। कई पार्टियों के सांसदों ने भी इस फैसले पर निराशा जाहिर की थी।












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