JNU में छात्रों पर हमले को लेकर सोनिया गांधी ने क्या कहा
जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले को लेकर अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान सामने आया है।
नई दिल्ली। दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार रात को छात्रों पर हुए हमले के बाद राजनीति गर्मा गई है। जेएनयू छात्र संघ ने इस हमले के लिए एबीवीपी के छात्रों को जिम्मेदार ठहराया है। रविवार रात को हाथों में डंडे और लोहे की रॉड लिए करीब 40-50 नकाबपोश लोगों ने जेएनयू कैंपस में छात्र-छात्राओं पर हमला किया। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष और एक महिला प्रोफेसर समेत कई छात्र-छात्राओं को चोटें आई हैं। जेएनयू में हुए इस हमले को लेकर अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान सामने आया है।

'हमले को असहमति की आवाज दबाने के लिए याद किया जाएगा'
जेएनयू में हुए हमले को लेकर सोनिया गांधी ने कहा, 'हर दिन भारत के युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। देश के युवाओं की आवाज को दबाने के लिए मोदी सरकार के संरक्षण में गुंडों की भयावह हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह बहुत ही निराशाजनक और अस्वीकार्य है। दिल्ली के जेएनयू में कल छात्रों और फैकल्टी पर जो हमला हुआ, उसे इस सरकार के द्वारा लोगों की असहमति की आवाज को दबाने के लिए याद किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी भारत के युवाओं और छात्रों के साथ एकजुटता के साथ खड़ी है।'

अब देश में लोकतंत्र नहीं बचा है
वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'पूरे देश ने जेएनयू के परिसर में कल सरकार द्वारा प्रायोजित गुंडागर्दी और आतंकवाद को देखा। ये सब जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस की निगरानी में हुआ, जिन्हें सीधे गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नियंत्रित किया जाता है। ये हिंसक हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ। जिस तरीके से लड़कियों के हॉस्टल पर हमला किया गया, गुंडे जेएनयू में घुसे और छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया... जिस तरीके से पुलिस ने 150 से ज्यादा फोन करने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ये दिखाता है कि अब देश में लोकतंत्र नहीं बचा है।'

दिल्ली पुलिस ने मामले में दर्ज की FIR
आपको बता दें कि रविवार देर रात चेहरे पर मास्क लगाए कई लोगों ने, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, जेएनयू कैंपस के अंदर छात्रों पर हमला किया। हमले में जेएनयू के प्रोफेसरों को भी निशाना बनाया गया। हाथों में डंडे और लोहे की रॉड लिए इन लोगों के हमले में एक महिला प्रोफेसर को भी चोटें आई हैं। हमले के बाद घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां से इलाज के बाद सोमवार सुबह उन्हें छुट्टी दे दी गई। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की है और केस की जांच क्राइम ब्रांच की टीम को सौंपी गई है।












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