फैमिली प्लानिंग पर बात करने में शर्माते हैं कुछ राजनेता, बोले उप राष्ट्रपति
'इंडिया स्टेट लेवल डिजीज बर्डन' रिपोर्ट जारी करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में नायडू ने कहा, 'हमारे राजनेता झिझक रहे हैं। वे परिवार नियोजन में सहयोग करने के बारे में शर्म महसूस कर रहे हैं।
नई दिल्ली। देश में कुछ राजनेता ऐसे हैं जो परिवार नियोजन को प्रोत्साहन देने में झिझक रहे हैं। इसका कारण यह है कि उनका मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण से 'वोट कंट्रोल' हो सकता है। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में ये बाते कही। उपराष्ट्रपति ने बर्थ कंट्रोल के मुद्दे पर बहस और विस्तृत राजनीतिक चेतना का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को परिवार नियोजन के उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

'इंडिया स्टेट लेवल डिजीज बर्डन' रिपोर्ट जारी करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में नायडू ने कहा, 'हमारे राजनेता झिझक रहे हैं। वे परिवार नियोजन में सहयोग करने के बारे में शर्म महसूस कर रहे हैं। जनसंख्या नियंत्रण से वोट कंट्रोल हो जाएगा। कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है।' इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि बीमारी पर नियंत्रण के उपायों के बारे में लोगों को शिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बच्चे हैं। बच्चे अभी भी टेलीविजन, सिनेमा और सोशल मीडिया से चिपके हुए हैं। नायडू ने डॉक्टरों से रोगियों की चिकित्सा के दौरान मानवीय तरीका अपनाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि हाई-टेक जांच के मुकाबले शारीरिक जांच की बड़ी भूमिका है।












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