कई भारतीय अस्पतालों ने रद्द किए स्पुतनिक वी वैक्सीन के ऑर्डर, जानें वजह
नई दिल्ली, सितंबर 29: भारत के कुछ निजी अस्पतालों ने रूस के स्पुतनिक वी वैक्सीन के ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। दरअसल सरकार द्वारा दिए जाने वाले अन्य मुफ्त टीकों की आपूर्ति में वृद्धि के चलते अस्पताल स्पूतनिक के शॉट्स बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कम मांग और अत्यधिक ठंडे भंडारण तापमान के चलते कम से कम तीन बड़े अस्पतालों को स्पुतनिक वी के ऑर्डर रद्द कर दिए हैं।

पश्चिमी शहर पुणे में भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र ओसवाल ने कहा कि, हमने 2,500 खुराक के लिए अपना ऑर्डर रद्द कर दिया है।क्योंकि लोगों के बीच इस वैक्सीन को लेकर मांग नहीं थी। मुश्किल से 1% लोग स्पुतनिक वैक्सीन लगवाना चाहते हैं। जबकि अन्य बाकी लोग सरकार द्वारा दी जा रही वैक्सीन को लगवा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि मई से पिछले सप्ताह तक निजी अस्पतालों ने भारत में प्रशासित सभी टीकों का लगभग 6% ही लगाए हैं। हालांकि सरकार ने उन्हें घरेलू उत्पादन का एक चौथाई तक खरीदने के लिए मुक्त कर दिया था। भारत स्पुतनिक वी का एक प्रमुख उत्पादन केंद्र है। जिसकी नियोजित क्षमता लगभग 850 मिलियन शॉट्स प्रति वर्ष है।कम घरेलू मांग के चलते वैक्सीन के अधिकतर हिस्से का निर्यात किया गया है।
भारतीय वितरक डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड द्वारा जून में वैक्सीन को लॉन्च किया गया था। अस्पतालों द्वारा स्पुतनिक वी की अभी तक केवल 943,000 खुराकों की खपत हो पाई है। अब इस मामले पर डॉ रेड्डीज ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। भारत के टीकाकरण अभियान का मुख्य आधार एस्ट्राजेनेका वैक्सीन है, जिसे स्पुतनिक वी के विपरीत नियमित रेफ्रिजरेटर में रखा जा सकता है। स्पुतनिक वी निजी बाजार में एस्ट्राजेनेका की तुलना में 47% अधिक महंगी है।
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हैदराबाद के एविस हॉस्पिटल्स ने भी 10,000 स्पुतनिक वी खुराक के एक ऑर्डर को रद्द कर दिया है। यह अस्पताल शहर में आठ टीकाकरण केंद्र चलाता है। नाम ना छापने की शर्त पर एक अन्य पुणे के अस्पताल ने बताया कि, उसने भी वैक्सीन के अपने एक ऑर्डर को रद्द कर दिया है।












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