आदित्य L1 की लॉन्चिंग के 2 महीने बाद आएगा भयंकर सौर तूफान, कैसे उसके लिए बनेगा 'वरदान'?
इसरो की नजर अब सूर्य पर है, जिस पर अध्ययन के लिए 2 सितंबर को आदित्य L1 लॉन्च किया जाएगा। ये चार महीने बाद उस पॉइंट पर पहुंचेगा, जहां पर उसको स्थापित होना है, लेकिन इस बीच एक बड़ा सौर तूफान आ सकता है। हालांकि ये इस मिशन के लिए फायदेमंद साबित होगा।
दरअसल आदित्य L1 का मकसद सूर्य की संरचना, उसकी बाहरी परत, सौर तूफान, उससे निकलने वाली अन्य किरणों का अध्ययन करना है। इसके लिए वो पृथ्वी से 15 लाख किमी दूर लैग्रेंजियन पॉइंट (L1) पर जाएगा। वहां से ही वो सूर्य का अध्ययन करेगा। इस पॉइंट से उस पर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

खगोलविदों के मुताबिक इसके लॉन्च होने के दो महीने के बाद सूर्य ज्यादा आक्रामक हो जाएगा। इसकी वजह से उस पर विस्फोट होंगे और सौर तूफान आएंगे। इस वजह से अंतरिक्ष में हर ओर सोलर फ्लेयर्स, सोलर विंड, UV किरणें, XRAY और गामा समेत कई किरणें फैलेंगी।
इससे बचने के लिए यान में खास इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में ये सौर तूफान मिशन के लिए वारदान साबित होगा। वो सौर तूफान पर अच्छे से डेटा इकट्ठा कर पाएगा। वहीं जब सौर तूफान पीक पर होगा, तो सूर्य पर करीब 150 सन स्पॉट्स बन सकते हैं। इसका भी अध्ययन आदित्य यान करेगा।
सौर तूफान सबसे ज्यादा पृथ्वी की कक्षा में घूमने वाले सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचाते हैं। पिछले साल तो गैलेक्सी 15 नाम की सैटेलाइट सौर तूफान की वजह से आउट ऑफ कंट्रोल हो गई थी। ऐसे में अगर हमको इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी रहेगी, तो बचने के प्रबंध किए जा सकते हैं।
आधी उम्र पूरी कर चुका है सूर्य
हाल ही में सूर्य की उम्र को लेकर एक रिसर्च हुई थी, जिसमें पता चला कि 4.57 अरब वर्ष पूरा करने के साथ सूर्य लगभग अपनी आधी उम्र से गुजर रहा है। सूर्य का सौर चक्र अभी भी चरम है, जिसकी वजह पर लगातार सौर तूफान आ रहे।












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