व्हॉट्स 'आप' को अनइंस्टॉल करने आया बीजीपी का AS सॉफ्टवेयर
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। हाल ही में नरेंद्र मोदी ने जब अपनी कैबिनेट का विस्तार दिया तो टीवी चैनलों ने उसे मोदी सॉफ्टवेयर का अपग्रेड वर्जन करार दिया। इसी क्रम में अगर दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखें तो एक बार फिर राजधानी में व्हॉट्स 'आप' नाम का ऐप तेजी से अपने हिट्स बढ़ा रहा है। जिस वजह भाजपा के सिस्टम की फाइलें करप्ट होनी शुरू हो गई हैं यानी कार्यकर्ता हैरान परेशान हैं। ऐसे राजधानी में AS यानी अमित शाह नाम का साफ्टवेयर दिल्ली में आ गया है, जो जल्द ही व्हॉटस 'आप' को अनइंस्टॉल कर देगा।

जी हां कुछ ऐसे ही उद्देश्य के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली में एक्टिव हो गये हैं। प्रदेश भाजपा के कार्यालय में कोई खास हलचल भी नहीं दिखती। कुल मिलाकर भाजपा कैंप में आगामी चुनावों को लेकर कोई बहुत तैयारी होती नहीं दिख रही थी।
शाह की टीम में जेटली
शायद इसी हाल को देखते हुए अमित शाह ने दिल्ली के लिए अपनी टीम में वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, प्रभारी प्रभात झा को रखा है। जेटली दिल्ली को जितना जानते हैं, शायद कोई नहीं जानता होगा। रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूड़ी, राधामोहन सिंह, शाहनवाज हुसैन को भी कुछ अहम जिम्मेदारियां मिलेंगी। सच पूछिए तो ये सभी दिग्गज भाजपा के इस नये सॉफ्टवेयर के लिये सपोर्टिंग फाइल्स का काम करेंगे। खास बात यह है कि ये सभी एक प्रकार से एंटीवायरस भी हैं, जो पार्टी के अंदर से अराजक तत्वों पर नजर रखने में माहिर हैं।
शाह की नजर सब पर
हरियाणा में बेहतर प्रदर्शन कर चुके कैलाश विजयवर्गीय और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा को भी अहम जिम्मेदारी दे जा सकते हैं। प्रचार अभियान में पार्टी के सभी सांसदों को जोड़ा जाएगा, लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश व हरियाणा के सांसदों के लिए खास जिम्मेदारी तय की जाएगी। कंप्यूटर की भाषा में बात करें तो ये वो दो ब्राउज़र हैं, जिन पर हर प्रकार की फाइलें खुल जाती हैं। यानी हर मुश्किल का हल इन दोनों के पास मिलेगा।
न्यू यूज़र की तलाश
एएस नाम के इस सॉफ्टवेयर को न्यू यूज़र यानी नये मतदाता की तलाश रहेगी, लिहाजा उन्हीं इलाकों में इसे इंस्टॉल किया जायेगा, जहां पर वोट सबसे कम है। मतलब यह कि अमित शाह एक से 20 दिसंबर तक प्रत्येक सांसद के साथ सोमवार से गुरुवार के बीच कोई भी तीन दिन प्रचार के लिए निकलेंगे। इस काम के लिये कोई भी सांसद मना नहीं कर सकेगा। पार्टी दिल्ली के लगभग 300 वार्ड में 2700 नुक्कड़ सभाएं करेगी। जानकारों का कहना है कि दिल्ली भाजपा बेहद कमजोर हालत में है। पार्टी में कोई जान नहीं रही विरोधियों का मुकाबला करने के लिए। अगर अमित शाह खुद एक्टिव नहीं होंगे तो दिल्ली में भाजपा पिट जाएगी।
एक बात पक्की है अगर एएस नाम का यह साफ्टवेयर व्हॉट्स आप यानी आम आदमी पार्टी को दिल्ली के कंप्यूटर से अनइंस्टॉल करने में कामयाब हो गया, तो इस ऐप के लिये दोबारा जगह बनाना नामुमकिन हो जायेगा, क्योंकि पार्टी का रहा-सहा बेस अब दिल्ली में ही बसा है, तमाम अन्य राज्यों में हालात पहले ही बहुत खराब हैं।












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