कौन बनाएगा जम्मू कश्मीर में सरकार और कब खत्म होगा ड्रामा!
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में किसकी सरकार बनेगी और किसे किसका समर्थन मिलेगा इस बात पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं। कभी खबरें आती हैं कि नेशनल काफ्रेंस ने बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है तो कभी खबरें आती हैं कि पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस सरकार बनाने जा रहे हैं। लोग इन जानकारियों को सच मानकर इंतजार करते हैं कि तभी खबरें आती हैं कि पीडीपी और बीजेपी साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं।

बीजेपी की ख्वाहिश घाटी में हो उसकी सरकार
फिलहाल तो अभी तक सिर्फ इसी खबर पर हर कोई यकीन कर रहा है और लेकिन नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की ओर से आने वाले बयानों पर भी सभी लोग कान लगाकर बैठे हैं।
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव की ओर से जानकारी वनइंडिया को दी गई है, उसके मुताबिक जम्मू कश्मीर में किसकी सरकार बनेगी इसके बारे में कोई भी अहम फैसला बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से लिया जाएगा।
वह जैसा कहेंगे, पार्टी का अगला कदम उसके मुताबिक ही होगा। जीवीएल नरसिम्हा राव की मानें तो बीजेपी जम्मू कश्मीर में सरकार बनाना चाहती है और इस बारे में वह किसी से भी बातचीत के सारे विकल्प खुले रखे हुए है।
बीजेपी की 'इंतजार करो' नीति
राव के मुताबिक घाटी में बीजेपी निश्चित तौर पर सरकार बनाने की इच्छुक है और साथ ही पार्टी चाहती है कि घाटी में मुख्यमंत्री उसकी पार्टी का ही हो। वहीं दूसरी ओर राम माधव के बयान पर अगर यकीन किया जाए तो सरकार बनाने के लिए जरूरी हर तरह की बातचीत सही दिशा में चल रही है।
ऐसे में पार्टी को इंतजार करना होगा कि अगले कुछ दिनों में इस बातचीत का क्या रास्ता निकलता है।
साफ है कि बीजेपी की कोशिश है कि सरकार बनाने के लिए उसकी ओर से छोड़ा गया तीर सही निशाने पर लगे। अगर राव की बात पर यकीन करें तो पार्टी के यह सबसे अहम है कि पार्टी अपनी शर्तों पर घाटी में अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाए।
पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस का एक सपना
जम्मू कश्मीर में हालातों का फायदा हर पार्टी अपनी तरह से उठाने की कोशिशों में लगी हुई है। पीडीपी और बीजेपी दोनों में से कोई भी शायद सरकार बनाने का मौका गंवाना नहीं चाहता है। राज्यपाल की ओर से अब जब पीडीपी को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया गया है तो कहीं न कहीं आने वाले दिनों की तस्वीर सामने आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। पीडीपी की ओर से राज्यपाल को क्या जवाब दिया जाता है, इस पर आने वाले दिनों की पूरी स्थिति पता चल सकेगी।
इस मौके पर नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी दोनों ही एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिशों में लगे हुए हैं। दोनों की ही कोशिशें हैं कि वह किसी भी कीमत पर घाटी में सरकार बनाने में सफल हो जाएं। लेकिन वहीं यह दोनों ही पार्टियां गठजोड़ करेंगी, इस बात पर भी कोई पूरे यकीन से नहीं कह पा रहा है।
भले ही बिहार में राजनीति के धुर विरोधियों ने हाथ मिला लिए हों लेकिन वह सिर्फ बीजेपी को लोकसभा में मिली किसी भी तरह की बड़ी जीत से दूर रखने के लिए उठाया गया कदम था।












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