स्मृति ईरानी ने दीवाली पर बांटे 60 लाख रुपए !
अमेठी। एक तरफ्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी संस्थानों को तोहफे नहीं बांटने को कहा है वहीं मानव संसाधन मंत्री और पीएम मोदी की मुंहबोली छोटी बहन स्मृति ईरानी ही मोदी की आदेशों की धज्जियां उड़ा रही है। स्मृति ईरानी ने दीवाली के मौके पर अमेठी में 15000 साड़ियां बंटवाने का फैसला लिया है। जिनमें से तकरीबन 12000 साड़ियों को बांट भी दिया गया है।

बाजार की कीमतों पर नजर ड़ाले तो एक साड़ी की कीमत कम से कम चार सौ रुपए होने की संभावना है। ऐसे में 15000 साड़ियों की कीमत तकरीबन साठ लाख रुपए होती है। ऐसे में स्मृति ईरानी का यूं खुले आम अपने संसदीय क्षेत्र में साड़ियों को बंटवाना प्रधानमंत्री के निर्देश की अवहेलना नहीं है तो क्या है। वहीं सूत्रों का कहना है कि स्मृति ईरानी ने साड़ियों को सूरत से मंगवाया है।
गौरतलब है कि अमेठी में स्मृति ईरानी राहुल गांधी से हार गयी थी। जिसके बाद स्मृति ने अमेठीवासियों को उनके साथ हार के बावजूद जुड़े रहने का वादा किया था।
अमेठी में स्मृति इरानी के प्रतिनिधि विजय गुप्ता का कहना है कि स्मृति ने 12000 साड़ियां बांटने की योजना बनाई थी। जिनमें से ज्यादातर बांट दी गयी हैं और तकरीबन ढाई हजार साड़ियां ही बांटने को बाकी रह गयी हैं।
विजय गुप्ता का कहना है कि ये साड़िया दूर-दराज के गांवों में बांटी गयी हैं जहां स्मृति को भारी संख्या में वोट प्राप्त हुए हैं। ये इलाके गौरीगंज, तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और सालोन आदि के गांव हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि साड़ियों को दशहरे के मौके पर बांटने के लिए मंगाया गया था लेकिन इसे दीवाली के मौके पर बांटने का फैसला किया गया।












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