मणिपुर हिंसा पर अभी तक समाधान न ढूंढ सकी डबल इंजन सरकार: सीताराम येचुरी
मणिपुर हिंसा को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी ने ठोस समाधान या दिशा की कमी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 18 से 20 अगस्त तक मणिपुर के दौरे पर रहे
मणिपुर में संघर्ष तीन महीने से अधिक समय से जारी है। ऐसे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी के नेतृत्व में पार्टी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 18 से 20 अगस्त तक मणिपुर के दौरे पर रहेगा। यह जानकारी गुरुवार को येचुरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान दी।
येचुरी ने मौजूदा संकट के समाधान के लिए ठोस समाधान या दिशा की कमी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अभी तक यह डबल इंजन सरकार किसी भी समाधान या दिशा-निर्देश पर नहीं पहुंच पाई है कि इस मुद्दे को कैसे हल किया जाए। जानिए आगे येचुरी ने क्या कहा?

येचुरी ने आगे कहा कि मणिपुर में संघर्ष तीन महीने से अधिक समय से जारी है और इससे लोगों के जीवन और विस्थापन पर बहुत बड़ा असर डाला है। हम मणिपुर के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करेंगे और उन्हें बताएंगे कि भारत उनके साथ है। हम एक परिवार का हिस्सा हैं और हम इस स्थिति में आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे। अभी तक यह डबल इंजन सरकार इस मुद्दे के समाधान या दिशा-निर्देश पर नहीं पहुंच पाई है।
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चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन?
येचुरी के अलावा प्रतिनिधिमंडल में पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य जितेन्द्र चौधरी (त्रिपुरा राज्य समिति के सचिव), सुप्रकाश तालुकदार (असम राज्य समिति के सचिव) और देबलीना हेंब्रम शामिल हैं। यह सभी मणिपुर के हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे। साथ ही चुड़ाचांदपुर, मोइरांग और इंफाल में राहत शिविरों का भी जायजा लेंगे। इतना ही नहीं, प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल अनुसुइया उइके और सिविल सोसायटी के संगठनों से भेंट भी करेगा।
क्या है मणिपुर हिंसा?
आपको बता दें कि बीती 3 मई को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के खिलाफ पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया। इस बीच कुकी और मेइती समुदाय के बीच राज्य में जातीय हिंसा भड़क गई। इस हिंसा की आग में अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।












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