Morbi Bridge collapse: मोरबी हादसे की जांच करेगी SIT, प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
मोरबी ब्रिज हादसे में 150 लोग नदी में डूब गए। नदी से निकाले गए सभी घायलों का इलाज मोरबी सिविल अस्पताल में चल रहा है। हादसे की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। वहीं प्रशासन हादसे को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
Morbi Bridge collapse: मोरबी ब्रिज हादसे में 150 लोग नदी में डूब गए। नदी से निकाले गए सभी घायलों का इलाज मोरबी सिविल अस्पताल में चल रहा है। सीएम भूपेंद्र पटेल ने देररात अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। प्रशासन ने हादसे में घायल हुए या फिर मृतकों के परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। वहीं गुजरात सरकार हादसे की जांच एसआईटी के कराने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत 5 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है।

हादसे में अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। घायल हुए 70 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। सभी को मोरबी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महज पांच दिन पहले ही मरम्मत पूरी होने के बाद इस ब्रिज को आमजन के लिए खोला गया था। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में पुल पर एक साथ लोग पहुंच गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त हादसा हुआ पुल पर पांच सौ के करीब लोग मौजूद थे। हादसे के दौरान नदी में गिरे लोगों को बचान के लिए रेक्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
हादसे में घायलों के इलाज और जानकारी हादसे में फंसे लोगों की जानकारी के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। परिजन कलेक्टर कार्यालय के आपदा नियंत्रण कक्ष का नंबर 02822 243300 पर फोन करके जानकारी ले सकते हैं।
वहीं पुल गिरने के कारणों की जांच के लिए गुजरात सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है। विशेष जांज दल में 5 वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी में शामिल अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं-
1. IAS राजकुमार बेनीवाल - म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर
2. के.एम पटेल- चीफ इंजीनियर R&B
3. डॉ गोपाल टैंक- HoD स्ट्रकचरल इंजीनियर
4. संदीप वसावा- सेक्रेटरी R&B
5. सुभाष त्रिवेदी- आईजी CID क्राइम












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