हैदराबाद रियल एस्टेट कारोबार में भारत के टॉप शहरों में जल्द होगा शामिल, रिपोर्ट में बड़ा दावा
रियल एस्टेट मार्केट में हाल के कुछ वर्षों में भारत के कई शहरों ने काफी प्रगति की है। बेंगलुरु के बाद अब हैदराबाद इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने वाला भारत का दूसरा टॉप शहर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2023 से 2025 तक देश के शीर्ष सात शहरों में ऑफिस बनाने के लिए जमीन की कीमत 165 मिलियन वर्ग फुट से अधिक होने का अनुमान है। जबकि 2020 के दौरान ये काफी कम थी। वहीं अगर कार्यालयों के जरिए रोजगार की बात की जाए तो भारत के 6 प्रमुख शहर ऐसे हैं जहां प्रोफेशनल्स के लिए वार्षिक रोजगार दर में काफी वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक रोजगार दर में 11 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
भारत के टॉप शहरों में रीयल स्टेट कारोबार और रोजगार की संभावनाओं का विश्लेषण करने वाली एक कंपनी सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड (CBRE South Asia Private Limited) ने एक ताजा रिपोर्ट जारी की है। जिसके मुताबिक कार्यालय के लिए जमीन की कीमत के मामले में बेंगलुरु के बाद हैदराबाद दूसरे स्थान के रूप में उभर रहा है।

रिपोर्ट का नाम 'ऑफिस स्पेस रिवोल्यूशन' है। जिसमें दावा गया है कि देश के शीर्ष सात शहरों में कार्यालय के लिए जमीन के मामले में 2023 और 2025 के बीच जमीन की कीमतें आसमान छू सकती हैं। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि कार्यालय के लिए जमीन की कीमतें 165 मिलियन वर्ग फुट से भी अधिक हो सकती हैं।
दरअसल, 2020 के दौरान बेंगलुरू जैसे शहर में कॉमर्शियल प्लेस की कीमतें 142 मिलियन वर्ग फुट से अधिक थीं। सीबीआरई इंडिया में सलाहकार और लेनदेन सेवाओं के प्रबंध निदेशक राम चंदनानी ने कहा कि भारत उत्तरी अमेरिकी और यूरोपीय निवेशकों के लिए एशिया का प्रशांत क्षेत्र निवेश का गढ़ बन चुका है। भारत में 2022 के दौरान विदेशी निवेश दर में 80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस वर्ष में भारत में रिकॉर्ड 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश हुआ।
भारत ने कोरोना जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत ने आईटी के क्षेत्र में तेजी से ग्रोथ दर्ज की। सीबीआरई साउथ एशिया की रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि 2022 में नौकरियों में काफी वृद्धि देखी जाने का अनुमान था लेकिन ये मामूली वृद्धि थी। सीबीआरई ने कहा कि भारत के प्रमुख छह प्रमुख शहरों में कार्यालय जाने वाले प्रोफेशनल्स के लिए वार्षिक रोजगार दर में भी वृद्धि का अनुमान लगाया गया।
सीबीआरआई की रिपोर्ट को मानें तो अगले कुछ वर्षों में जॉब सेक्टर में तेजी से ग्रोथ देखी जा सकेगी। क्योंकि अधिकांस कंपिनियां अपनी उत्पादकता बढ़ाने पर फोकस कर रही हैंदावा किया जा रहा है कि कार्यालय प्रेस की मांग मुख्य रूप से बीएफएसआई, प्रौद्योगिकी और फार्मास्युटिकल कंपनियों की हो सकती है। समें लंबी अवधि के लिए लीज की भी शामिल होगी। सीबीआरआई ने अपने रिपोर्ट में पिछले डेटा को देखते हुए सीबीआरआई ने कहा कि जनवरी-सितंबर 2023 में लगभग 50 प्रतिशत लीज की देने पर सहमत हैं।
2025 तक भारत के टॉप शहरों में बन जाएंगे कितने नए ऑफिस प्लेस?
शहर कार्यालयों के कुछ क्षेत्रफल निर्माण पूरा होने का प्रतिशत
हैदराबाद 33 मिलियन वर्ग फुट 20%
बेंगलुरु 47.8 मिलियन वर्ग फुट 29%
दिल्ली एनसीआर 28 मिलियन वर्ग फुट 17%
पुणे 19.8 मिलियन वर्ग 12%
चेन्नई 18.15 मिलियन वर्ग 11%
मुंबई 14.8 मिलियन वर्ग फुट 9%
कोलकाता 3.3 मिलियन वर्ग फुट 2%












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