Shubhanshu Shukla:बेटे के इंतजार में पलकें बिछाए बैठे मां-बाप,इतिहास रचकर आज धरती पर कदम रखेंगे शुभांशु शुक्ला
Shubhanshu Shukla: भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आज एक और बड़ी छलांग लगाई है। भारतीय वायुसेना के जांबाज़ पायलट और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने Axiom मिशन-4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) का सफल दौरा किया, अब धरती पर लौटने वाले हैं।
यह पहली बार है जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री व्यावसायिक निजी मिशन के तहत ISS तक पहुंचा और वहां करीब 19 दिन तक वैज्ञानिक शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो Axiom मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर गए थे, आज धरती पर लौट रहे हैं।

ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक अनडॉक कर लिया है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम आज धरती पर स्प्लैशडाउन करेंगी। वे लगभग 20 दिन अंतरिक्ष में रहे, जिसमें 19 दिन उन्होंने ISS पर बिताए। उनके साथ इस मिशन की पूरी टीम भी लौट रही है। स्प्लैशडाउन यानी समुद्र में उतरने की प्रक्रिया आज दोपहर करीब 3 बजे (भारतीय समय अनुसार) कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर होगी।
स्पेसएक्स ड्रैगन से वापसी
स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि मिशन की टीम स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट 'Grace' से वापस आ रही है। यह स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के वातावरण में फिर से प्रवेश करेगा और समुद्र में उतरने से पहले हल्की सी 'सोनिक बूम' की आवाज से अपने आने की घोषणा करेगा।
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22.5 घंटे की वापसी यात्रा
ISS से पृथ्वी तक की वापसी में ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को करीब 22.5 घंटे लगेंगे। सोमवार को सुबह 7:15 बजे (EDT) यानी शाम 4:45 बजे (IST) स्पेसक्राफ्ट ने ISS के हार्मनी मॉड्यूल से सफलतापूर्वक अनडॉक किया था। इसके बाद यह धीरे-धीरे कक्षा में अपनी स्थिति बदलते हुए पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।
Ax-4 मिशन में भारत की खास भागीदारी
Ax-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला पायलट के तौर पर शामिल हुए। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक पल था, क्योंकि यह पहला मौका है जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक गया। इस मिशन में उनके साथ अमेरिका की कमांडर पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस्ज़ "स्वावे" और हंगरी के टिबोर कापु भी शामिल थे।
60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग
Axiom Space के अनुसार इस मिशन के दौरान 60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग और 20 से अधिक एजुकेशनल व आउटरीच कार्यक्रम किए गए। NASA ने भी बताया कि ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ISS से 580 पाउंड से अधिक वज़न का सामान और मिशन के दौरान किए गए प्रयोगों का डेटा लेकर वापस लौट रहा है।
'बेटे की सुरक्षित लैंडिंग का इंतजार'
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, "हम बहुत उत्साहित हैं कि हमारा बेटा मिशन से लौट रहा है और धरती पर उतरने वाला है। उसने हमें गर्व से भर दिया है। यह इतिहास में दर्ज होगा... हम उसकी सुरक्षित लैंडिंग का इंतजार कर रहे हैं। यह पूरे देश के लिए खुशी का दिन है। मैं पूरे देश का धन्यवाद करता हूं उनकी दुआओं के लिए... वह हमारा बेटा है, लेकिन अब पूरे देश का बेटा बन गया है... हमने ईश्वर को याद किया और प्रार्थना की..."
#WATCH | Axiom 4 Mission | The Dragon spacecraft successfully undocked from the International Space Station (ISS). Group Captain Shubhanshu Shukla and the crew are expected to splash down today.
In Lucknow, UP, his father, Shambhu Dayal Shukla, says, "We are very excited that… pic.twitter.com/QSfaFIXYY8
— ANI (@ANI) July 15, 2025
25 जून को लॉन्च हुआ था मिशन
Axiom मिशन-4 की शुरुआत 25 जून को फ्लोरिडा के NASA के Kennedy Space Center से हुई थी। स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च हुआ यह स्पेसक्राफ्ट अगले दिन 26 जून को शाम 4:05 बजे (IST) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ गया था। यह मिशन न केवल भारत के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि भविष्य में भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रमों के लिए एक मजबूत नींव भी साबित हो सकता है।
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