यौन शोषण में फंसे जस्टिस गांगुली ने खुद को बताया बेकसूर
जिसके बाद जस्टिस गांगुली मे बयान देते हुए कहा कि मैं पूरी तरह से बेकसूर हूं और मेरा नाम इस घृणित अपराध में खींचना सरासर गलत औऱ बेबुनियाद है। मेरे साथ गलत हो रहा है।
फिलहाल तो यह खुलासा नहीं हुआ है कि जस्टिस गांगुली पर क्या-क्या आरोप लगे हुए हैं लेकिन इतना तय है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।समिति की रिपोर्ट गुरुवार को न्यायालय को सौंपी गई। इससे पहले समिति के तीनों सदस्यों ने छह बार बैठकें कीं। हाल ही जस्टिस गांगुली सेवानिवृत्त हुए हैं।
गौरतलब है कि इस जज पर केवल इंटर्न ने ही बल्कि एक महिला ने भी यौन शोषण का आरोप लगाया था। उसके बाद इंटर्न ने यौन शोषण का आरोप लगाया। लीगली इंडिया वेबसाइट की रिपोर्ट को माने तो इंटर्र ने फेसबुक पर अपनी दर्द भरी दास्तां को व्यक्त किया था लेकिन इंटर्न की इस दुखद व्यथा को हो-हल्ला मचने के बाद हटा लिया गया है।
इंटर्न कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज एनयूजेएस की छात्रा है और उसने फेसबुक पर लिखा था कि उसे जज के हाथों एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार यौन-शोषण का शिकार होना पड़ा है। हालांकि इंटर्न ने यह भी लिखा है कि उसने जज के सामने जब यौन शोषण का विरोध किया तो जज ने उससे वादा किया था कि वह आगे से ऐसा नहीं करेंगे लेकिन हाल ही में जब महिला ने जज पर यौन शोषण का आरोप लगाया तो उसका दुख सामने आ गया।













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