उद्धव ठाकरे की शिवसेना को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, महाराष्ट्र सरकार पर भेदभाव के आरोपों पर क्या कहा?
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) को शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने पार्टी के एएमएल रविंद्र वायकर की ओर से महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ डेवलपमेंट फंड वितरित करने में मनमानी और भेदभाव के आरोपों वाली याचिका खारिज कर दी है।
उद्धव की पार्टी के विधायक ने आरोप लगाया था कि विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण वाले फंड के आवंटन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार की ओर से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

शिंदे सरकार के खिलाफ याचिका खारिज
बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस एसबी शुकरे और जस्टिस राजेश पाटिल की बेंच ने कहा कि विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों के लिए फंड का आवंटन प्रदेश की नीति है और बिना पर्याप्त साक्ष्य के भेदभाव या पारदर्शिता की कमी साबित करने के लिए न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती है।
फंड वितरित करने में मनमानी के आरोपों को लेकर थी याचिका
शिवसेना (यूबीटी) के एमएलए वायकर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि विभिन्न चुनाव क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और मलिन बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के लिए फंड देने में राज्य सरकार भेदभाव वाला रवैया अपना रही है।
उन्होंने का था कि महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड के तहत सभी विधायको को समान रूप से फंड उपलब्ध करवाया जाता है और इसी के तहत फंड आवंटित करने में गड़बड़ी की गई है।
याचिकाकर्ता के इलाके में फंड वितरण में भेदभाव नहीं-हाई कोर्ट
उन्होंने दावा किया था की बीजेपी विधायकों के क्षेत्रों में स्थित मलिन बस्तियों के लिए उनके चुनाव क्षेत्र की तुलना में ज्यादा फंड आवंटित किए गए। बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि बीजेपी के अलावा अन्य पार्टियों के चुनाव क्षेत्रों में भी पर्याप्त फंड आवंटित किए गए हैं। अदालत ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता के चुनाव क्षेत्र में भी उतने ही फंड दिए गए हैं, जितने की कई और चुनाव क्षेत्रों को आवंटित किए गए हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, 'हमें फंड के आवंटन में राज्य सरकार की ओर से किसी तरह की मनमानी या अनुचित भेदभाव का कोई मामला नहीं दिखता है।' राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और मलिन बस्तियों में आधाभूत सुविधाओं के लिए फंड के आवंटन में कोई मनमानी और भेदभाव नहीं की गई।
सरकार की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि फंड आवंटन का फैसला विशेषज्ञों की समिति करती है, जो विभिन्न स्थानों की जरूरतों, खास काम की प्राथमिकता के आधार पर फैसले लेती है। (इनपुट- पीटीआई)
-
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट












Click it and Unblock the Notifications