मध्य प्रदेश: शिवराज सिंह चौहान बोले- भाजपा कभी सरकार गिराने और बचाने के खेल में नहीं रही
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के बाद शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण होना था। लेकिन इसके पहले ही कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया और इसके बाद राज्यपाल लालजी टंडन को इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप पर भाजपा नेता और एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का बयान आया है।
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कमलनाथ के इस्तीफे के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'अपने अंतर्विरोधो के कारण अगर सरकार गिर जाए और कांग्रेस के मित्र ही संतुष्ट नहीं रह पाए तो हम कुछ नहीं कर सकते। भाजपा कभी भी सरकार गिराने और बचाने के खेल में नहीं रही। उन्हें (कांग्रेस) आत्ममंथन करना चाहिए कि इस तरह के हालात क्यों पैदा हुए।' वहीं, कमलनाथ के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रतिक्रिया दी।
सिंधिया ने ट्वीट कर कहा, 'मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी, सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेव जयते।' इसके पहले, कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर जमकर निशाना साधा और सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी कांग्रेस के 16 विधायकों को कर्नाटक लेकर गई।
कमलनाथ ने भावुक स्वर में कहा, '15 महीनों में मेरा प्रयास रहा कि हम प्रदेश को नई दिशा दें, प्रदेश की तस्वीर बदलें। मेरा क्या कसूर था? इन 15 महीनों में मेरी क्या गलती थी? बीजेपी सोचती है कि मेरे प्रदेश को हराकर के खुद जीत जाएगी। तो वे ऐसा कभी नहीं कर सकतें। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके खेमे के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाए हुए थे।












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