'शिवसेना विधायक के पास मिला पाकिस्तान का क्रेडिट कार्ड', इस ट्वीट ने फिर बढ़ाई कंगना रनौत की मुश्किलें
नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से कंगना रनौत ने बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों, शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस बीच बीएमसी ने बांद्रा स्थित उनके दफ्तर को तोड़ दिया, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना को राहत दे दी थी। अब फिर कंगना की मुश्किलें एक नए मामले में बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके खिलाफ शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया है।

इस मामले में था ट्वीट
दरअसल तीन हफ्ते पहले ईडी ने सिक्योरिटी प्रोवाइडर-टॉप्स ग्रुप के प्रमोटर्स, शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक समेत कई लोगों के घर छापेमारी की थी। ये छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई। इसके बाद एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर लिखा कि शिवसेना विधायक के घर से ईडी को पाकिस्तान का क्रेडिट कार्ड मिला है। जिसको कंगना ने रीट्वीट कर लिखा कि जब मैंने मुंबई को पीओके जैसा कहा तो कई लोगों ने मेरा मुंह तोड़ने की धमकी दी। भारत के लोगों उन्हें पहचानिए जो आपके लिए सबकुछ दांव पर लगा रहे हैं और जो आपका सबकुछ छीन रहे हैं। इंडिया पाकिस्तान ना बन जाए संभालो यारों।

नोटिस में कहीं ये बातें
कंगना के इसी ट्वीट पर विवाद हो गया है। प्रताप सरनाईक ने महाराष्ट्र विधानसभा के प्रधान सचिव से अनुरोध किया है कि वो कंगना के खिलाफ उनके नोटिस को विशेषाधिकार समिति को भेजें, ताकी कार्रवाई हो सके। उन्होंने नोटिस में कहा कि ईडी ने उनके घर छापेमारी की तो थी, लेकिन उन्हें कुछ भी विवादित नहीं मिला था। इसके बाद ईडी ने उनको पूछताछ के लिए बुलाया, जिसमें उन्होंने पूरा सहयोग किया। उन्होंने उन मीडिया हाउस के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही है, जिन्होंने उनके खिलाफ गलत खबर प्रकाशित की थी।

छापेमारी पर जमकर हुई थी राजनीति
प्रताप सरनाईक के घर हुई ईडी की छापेमारी को शिवसेना ने राजनीति से प्रेरित मामला बताया था। इस मामले पर खुद सीएम उद्धव ठाकरे ने बयान जारी कर जांच एजेंसी की कार्रवाई की निंदा की थी। सीएम उद्धव के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसियां ऐसे काम कर रही हैं, जैसे वो केंद्र की घरेलू हों। लोग अब बुद्धिमान हैं और इन घटनाओं को देख रहे हैं। वहीं कुछ दिन पहले महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई को दी सहमति वापस ले ली थी। ऐसे में अब सीबीआई को महाराष्ट्र में कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।












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