किस मुस्लिम नौजवान को गले लगा रही है शिवसेना
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) जीशान अली खान के तो लगता अच्छे दिन आ गए हैं। उन्हें पहले मुसलमान होने के कारण एक कंपनी ने नौकरी देने से इंकार कर दिया था। पर उसके बाद उन्हें अडानी ग्रुप से नौकरी की पेशकश हुई।
उन्हें वहां नौकरी मिल गई। अब उन्हें शिवसेना भी गले लगा रही है। शिवसेना के मुखपत्र सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है कि अगर जीशान के साथ जो कुछ हुआ था, वह सच तो ये बेहद शर्मनाक है। हम इसकी निंदा करते हैं।
मुसलमानों के साथ भेदभाव
शिव सेना ने कहा कि देश के मुसलमानों के साथ इस तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। जो मुसलमान भारत को अपनी मातृभूमि मानते हैं, उनके साथ बराबरी का व्यवहार होना चाहिए।
आरक्षण के खिलाफ
शिवसेना के मुखपत्र में कहा गया है कि वह मुसलमानों को धार्मिक या आर्थिक आधार पर नौकरियों में आरक्षण देने के खिलाफ हैं। पर योग्य मुसलमानों के साथ नौकरियों में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
चांदी हुई जीशान की
बहरहाल, जीशान की तो चांदी हो गई। उन्हें मुंबई में ही मोदी समूह के करीबी माने जाने वाले अडानी समूह में बेहतरीन नौकरी मिल गई। वह मुंबई में ही नौकरी करना चाहते थे। आपको याद होगा कि जब उन्हें धार्मिक आधार पर एक डायमंड कारोबारी ने नौकरी देने से इंकार किया था तो देशभर में खासा विरोध हुआ था।
वरिष्ठ पत्रकार अंदलीब अहमद कहते हैं शिवसेना का जीशान खान के बहाने जिस तरह का रुख मुसलमानों को लेकर सामने आया है, वह अपने आप में बहुत सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि देश में मेरिट के आधार पर नौजवानों को नौकरी मिलनी चाहिए।













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