Video: कांग्रेस की सदस्यता लेते वक्त शत्रुघ्न से हुई 'बड़ी गलती', नेताओं ने मंच पर ही टोका
नई दिल्ली। बीजेपी नेतृत्व के साथ लंबे समय से खफा चल रहे कद्दावर नेता शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। दौरान कांग्रेस की ओर से पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल, पार्टी के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल मौजूद थे। इस मौके पर कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी राजनीतिक जीवन यात्रा में शामिल सभी लोगों को शुभकामनाएं दी। कांग्रेस की लेकर बात कर रहे सिन्हा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ी गलती कर बैठे। इस दौरान उन्होंने गुजरात के कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल को भाजपा नेता बता दिया।

गोहिल को बिहार में बीजेपी की बैकबोन बता दिया
शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल को बिहार में बीजेपी की बैकबोन बता दिया। सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, एक बहुत अच्छे इंसान और बिहार और गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की बैकबोन शक्ति सिंह जी का मैं शुक्रिया अदा करता हूं। इस पर मौजूद वहां लोगों ने उन्हें टोक दिया। टोके जाने के बाद सिन्हा ने कहा कि, वह तो थोड़ा आएगा ना, आज भारतीय जनता पार्टी की स्थापना दिवस है। अभी इस पार्टी ने नया-नया हूं, नया खिलाड़ी हूं, कभी-कभी तो ऐसा हो जाएगा। ये आदत धीरे-धीरे जाएगी।
मैं समझा हूं कि आप सभी समझदार और परिपक्व हैं
सिन्हा ने कहा कि, मैं समझा हूं कि आप सभी समझदार और परिपक्व हैं। यह मेरी ओऱ से जानबूझ कर नहीं बोला गया था। वह बस ऐसे ही निकल गया। बीजेपी को लेकर बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि, 'मैं 6 अप्रैल को भारी मन और बेहद दर्द के साथ आखिरकार अपनी पुरानी पार्टी से विदा ले रहा हूं, जिसके कारण हम सभी को अच्छी तरह से पता हैं। आज ही बीजेपी का स्थापना दिवस भी है। अपने लोगों के लिए मेरे मन में कोई बुरी भावना नहीं है क्योंकि वे मेरे परिवार की तरह थे और मुझे भारत रत्न नानाजी देशमुख, स्वर्गीय और महान पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और हमारे दोस्त, फिलॉसफर, नेता, गुरु और मार्गदर्शक श्री लालकृष्ण आडवाणी के मार्गदर्शन में बेहतर बनाया गया।

मैं उन लोगों का भी जिक्र करना चाहूंगा जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे
उन्होंने लिखा- 'मैं उन लोगों का भी जिक्र करना चाहूंगा जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और जो अन्याय और लोकशाही को तानाशाही में बदलने के जिम्मेदार हैं। मैं इस वक्त (उन्हें) माफ करता हूं और भूल जाता हूं। पार्टी के कुछ मौजूदा लोगों और नीतियों से मेरे जो मतभेद हैं, उन्होंने मेरे पास पार्टी से रास्ते अलग करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं छोड़ा है।
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