Shashi Tharoor को मिलेगा 'वीर सावरकर अवॉर्ड'? कांग्रेस नेता के बयान से मची सियासी हलचल
Shashi Tharoor Savarkar Award: कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर अपनी राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा में रहते हैं। आजकल वो एक ऑवर्ड शो के कारण सुर्खियों में हैं। दरअसल कांग्रेस नेता का नाम अचानक से वीर सावरक ऑवर्ड पाने की लिस्ट में घोषित किया गया जिसकी जानकारी खुद उनको ही नहीं थी।
बुधवार, 10 दिसंबर को कहा कि उन्हें "वीर सावरकर अवॉर्ड" के लिए चयनित किए जाने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों से मिली और उन्होंने न तो इस पुरस्कार को स्वीकार करने की सहमति दी है और न ही आयोजकों से कोई संवाद हुआ है। थरूर ने स्पष्ट किया कि आयोजकों ने बिना अनुमति उनका नाम घोषित कर "गैर-जिम्मेदाराना" कदम उठाया है।

थरूर ने क्या कहा?
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि वे केरल में स्थानीय स्वशासन चुनावों में मतदान के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए भी इस अवॉर्ड के बारे में जानकर हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें कार्यक्रम की जानकारी थी और न ही उन्होंने कभी इसे स्वीकार किया है।
थरूर ने पोस्ट में लिखा, "मुझे मीडिया से पता चला कि मुझे 'वीर सावरकर अवॉर्ड' का प्राप्तकर्ता घोषित किया गया है। इसकी जानकारी मुझे कल ही मिली। मैंने स्पष्ट किया था कि मैं इस अवॉर्ड के बारे में नहीं जानता और इसे स्वीकार भी नहीं किया है। मेरी सहमति के बिना नाम घोषित करना गैर-जिम्मेदाराना है।"
दिल्ली लौटने के बाद भी लगातार इस विषय पर सवाल पूछे जाने के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जब तक अवॉर्ड की प्रकृति, आयोजक संस्था और कार्यक्रम के अन्य विवरणों पर स्पष्टता नहीं मिलती, वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
दिल्ली में "वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025" का आयोजन
इधर, नई दिल्ली में वही कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें कथित तौर पर थरूर को सम्मानित करने की घोषणा की गई थी। यह अवॉर्ड High Range Rural Development Society (HRDS) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम NDMC कन्वेंशन हॉल में आयोजित होगा, जहां राष्ट्रीय विकास, सामाजिक सुधार और मानवीय सेवा में प्रभावशाली योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे।
सावरकर पर क्या है विवाद?
यह अवॉर्ड विनायक दामोदर सावरकर की विरासत से प्रेरित है, जिसकी आज भी राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक चर्चा होती रहती है। आयोजकों का कहना है कि पुरस्कार का उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले कार्यों को सम्मानित करना है।
हालांकि, थरूर द्वारा अवॉर्ड से खुद को अलग करने के बाद यह समारोह राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। थरूर का कहना है कि उन्हें आयोजन के बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी, जिससे पूरा मामला नए विवाद में घिर गया है।












Click it and Unblock the Notifications