शरद यादव ने आरएलएसपी में विलय के मुद्दे पर कसा तंज, कहा- ये मनगढ़ंत कहानियां हैं
नई दिल्ली। लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के प्रमुख शरद यादव ने उन खबरें का खंडन किया, जिसमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी का उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) में विलय होने जा रहा है। शरद यादव ने बयान जारी कर लोकतांत्रिक जनता दल और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के विलय की खबर को गलत करार दिया है। ये मनगढ़ंत कहानियां हैं, जो निहित स्वार्थ वाले लोगों द्वारा बनाई जा रही हैं जिसे मैं पूरी तरह से खारिज करता हूं।

शरद यादव की ओऱ से जारी बयान में कहा गया कि, कुछ मीडिया/प्रेस द्वारा जारी और प्रकाशित होने वाली रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है कि उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी और लोकतांत्रिक जनता दल का विलय हो रहा है। ये मनगढ़ंत कहानियां हैं, जो निहित स्वार्थ वाले लोगों द्वारा बनायी जा रही हैं जिसे मैं पूरी तरह से खारिज करता हूं। इस दिशा में कोई चर्चा भी नहीं की जा रही है। यहां तक कि हमने इस दिशा में कोई चर्चा तक नहीं की है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की ओर से यह यू-टर्न इस लिए लिया गया है क्योंकि, शरद यादव की पार्टी से विलय होने के बाद आरएलएसपी एक बड़ी यूनिट के रूप में उभरेती। जो कि राजद को रास नहीं आ रहा था। जिसके चलते दोनों नेताओं ने पार्टी विलय के मुद्दे फिलहाल छोड़ दिया है। 2004 के लोकसभा चुनावों में मधेपुरा सीट से लालू प्रसाद को हराने वाले LJD प्रमुख शरद यादव अब जद (यू) से नाता तोड़ चुके हैं। वे अब महागठबंधन में शामिल हो गए हैं। शरद यादव मधेपुरा, सीतामढ़ी और जमुई की तीन लोकसभा सीटों के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
हाल ही एनडीए से अलग हुए उपेन्द्र कुशवाहा महागठबंधन में 6 सीटें मांग रहे हैं। बता दे कि वह एनडीए में दो सीटें मिलने से नाराज होकर गठबंधन का साथ छोड़ दिया था। बता दें राजद नहीं चाहता है कि, आरएलएसपी में एलजीपी का विलय हो। लालू यादव शरद यादव पर दवाब बना रहे हैं कि, वह लालटेन के चुनाव चिन्ह से मधेपुरा से चुनाव लड़ें।












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