शरद पवार बोले, 2024 का चुनाव महा विकास अघाड़ी के तहत लड़ेंगे, औरंगाबाद के नाम बदलने पर कही ये बात
शरद पवार बोले, अगला चुनाव महा विकास अघाड़ी के तहत लड़ेंगे, औरंगाबाद के नाम बदलने पर कही ये बात
मुंबई, 11 जुलाई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संरक्षक और अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि अगला विधानसभा चुनाव-2024 महा विकास अघाड़ी (एमवीए), शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन के तहत लड़ना चाहेंगे। शरद पवार ने ये बयान पिछले हफ्ते महा विकास अघाड़ी की सरकार गिरने के बाद दिया है। शरद पवार ने कहा कि वरिष्ठ नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिंदे ने पार्टी में विरोध की स्थिति पैदा की है। शरद पवार ने यह भी दावा किया कि औरंगाबाद और उस्मानाबाद जिलों का नाम बदलने से पहले उनकी पार्टी से इस बारे में कोई सलाह नहीं ली गई थी।

चुनाव एमवीए के बैनर तले होने चाहिए: शरद पवार
रविवार (11 जुलाई) को औरंगाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय थी कि चुनाव एमवीए के बैनर तले होने चाहिए, लेकिन उन्हें अपने पार्टी सहयोगियों और बाद में गठबंधन सहयोगी कांग्रेस और शिवसेना से परामर्श करना होगा। उन्होंने कहा कि मामले में सामूहिक निर्णय लेना बहुत जरूरी है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों मिलकर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एक साथ मैदान में आने चाहिए...मेरा यही मत है।

औरंगाबाद जिले का नाम बदलने से पहले नहीं ली गई सलाह: शरद पवार
बता दें कि हाल ही में औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर संभाजीनगर और उस्मानाबाद जिले का नाम बदलकर धाराशिव कर दिया गया है। शरद पवार ने कहा कि इन जिलों का नाम बदलना पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा पद छोड़ने से पहले लिया गया अंतिम कार्यकारी फैसला था।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार की पिछली कैबिनेट बैठक में लिए गए औरंगाबाद और उस्मानाबाद जिलों का नाम बदलने के निर्णय पर पवार ने कहा कि यह मुद्दा एमवीए के सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था और उन्हें इस फैसले के बारे में तभी पता चला जब यह निर्णय लिया गया था।

'औरंगाबाद के लोगों के लिए कुछ किया जाता तो मुझे खुशी होती'
शरद पवार ने कहा कि औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलने का प्रस्ताव अंतिम समय में कैबिनेट के सामने रखा गया था और उनकी पार्टी से सलाह नहीं ली गई थी। उन्होंने कहा कि यह सरकार का एजेंडा नहीं था और मुख्यमंत्री का अंतिम फैसला था। उन्होंने कहा कि अगर औरंगाबाद जिले की कई समस्याओं का समाधान किया जाता तो उन्हें खुशी होती।

राज्यपाल कोश्यारी पर भी पवार ने कसा तंज
महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी पर कटाक्ष करते हुए शरद पवार ने दावा किया कि 'एमवीए कार्यकाल के विपरीत जब वह एक वर्ष से अधिक समय तक अध्यक्ष के चुनाव में बैठे, तो उन्होंने उद्धव के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के दो दिनों में इसे मंजूरी दे दी। ये बहुत ही अजीब था।' बता दें कि शरद पवार औरंगाबाद के दो दिवसीय दौरे पर थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए ये बयान दिए।

शिवसेना के बागी विधायकों पर क्या बोले शरद पवार
शिवसेना के बागी विधायकों के विरोध पर शरद पवार के तंज करते हुए कहा, "असंतुष्ट विधायकों ने अभी तक कोई निश्चित कारण नहीं बताया है। कभी वे हिंदुत्व के बारे में बात करते हैं, तो कभी फंड के बारे में।" पवार ने कहा, ''उनके विद्रोह के बाद, बागी विधायक कह रहे हैं कि वे शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ गए क्योंकि पार्टी हिंदुत्व से दूर जा रही थी। उनमें से कुछ ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए धन नहीं मिलने की भी बात कही। ये सभी कारण, हिंदुत्व, राकांपा, और विकास निधि (फंड) की कमी... शिवसेना के बागी विधायकों द्वारा अपने फैसले के लिए स्पष्टीकरण के रूप में दिए गए हैं, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है।''












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