शरद पवार बोले- कृषि कानूनों को पूरी तरह खारिज करना ठीक नहीं, विवादित भाग में हो संशोधन
नई दिल्ली, 1 जुलाई: नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 7 महीनों से किसानों का प्रदर्शन जारी है। वैसे तो कांग्रेस इस बिल का पूरी तरह से विरोध कर रही, लेकिन महाराष्ट्र में उसकी सहयोगी पार्टी एनसीपी की राय इस पर बदल गई है। जिस वजह से एनसीपी प्रमुख शरद पवार इस बिल को पूरी तरह से खारिज करने के पक्ष में नहीं नजर आए, बल्कि उसके कुछ भाग में संशोधन की बात कही।

दरअसल शरद पवार से मीडिया ने पूछा था कि क्या महाराष्ट्र सरकार केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव लाएगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता की पूरे बिल को खारिज करने की जरूरत है। बल्कि उसके उस भाग में संशोधन कर दिया जाए, जिस पर किसानों को आपत्ति है। अभी महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों का एक ग्रुप इस बिल पर अध्ययन कर रहा है। इसके बाद सरकार सभी पक्षों को सुनेगी, फिर इसे विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
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वहीं कोरोना महामारी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस बार बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत मानसून सत्र सिर्फ दो दिनों का होगा। पवार के मुताबिक इस कानून को पास करने से पहले इसके विवादित हिस्से पर सही से नजर डालनी चाहिए, तभी ये पास होगा। वैसे भी इस बार सत्र इतना छोटा है, ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि ये बिल पटल पर आ पाएगा। इसके अलावा पवार का मानना है कि किसान इतने दिनों से अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, जिस वजह से केंद्र को खुद उनसे बातचीत की पहल करनी चाहिए।












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