गुजरात के पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला ने बनाई नई पार्टी, विधानसभा चुनाव में ठोकेंगे ताल
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है। Shankersinh Vaghela launches party Gujarat assembly polls
अहमदाबाद, 21 अगस्त : गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने नई पार्टी- प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी के गठन का ऐलान किया। रविवार को वाघेला ने कहा, उनकी पार्टी गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। चुनावी राजनीति की दूसरी पारी में अपने इरादे की घोषणा करते हुए, 84 साल के वाघेला ने गांधीनगर में कहा, "लोग भाजपा के विकल्प की तलाश कर रहे हैं। मेरे लिए भाजपा, कांग्रेस और AAP के दरवाजे बंद हैं, इसलिए मैंने प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पार्टी डेढ़ साल पहले पंजीकृत हुई थी। अब हमारे पास एक पार्टी है।"
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लोक लुभावन वादों की झड़ी
वाघेला ने अपने फेसबुक पेज पर गुजरात के लोगों से कई लोक लुभावन वादे किए हैं। उन्होंने 12 लाख रुपये प्रति वर्ष कमाने वाले परिवार के लिए 12 लाख रुपये स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा, ऐसे परिवार के बच्चों को 12वीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा, युवाओं के लिए बेरोजगारी वजीफा जैसे ऐलान कर लोगों को आकर्षित करने का हरसंभव प्रयास किया है। गुजरात में रोजगार, जल कर से छूट, 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली, किसानों की कर्जमाफी, बिजली बिलों में राहत, नई वैज्ञानिक शराब नीति जैसे ऐलान भी किए हैं।

स्वामी और सिब्बल से मुलाकात
गौरतलब है कि वाघेला ने शनिवार को दिल्ली में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और राज्य सभा सांसद कपिल सिब्बल से मुलाकात की थी। वाघेला ने दोनों दिग्गजों से समर्थन देने का अनुरोध किया है। बकौल वाघेला, उन्होंने स्वामी और सिब्बल से कहा, अगर उन्हें लगता है कि क्षेत्रीय पार्टी शुरुआत कर सही काम कर रहे हैं, तो समर्थन करें। वाघेला 1995 में भाजपा में बगावत करने के कारण सुर्खियों में आए थे। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें पीएम मोदी को गुजरात से बाहर करने का श्रेय दिया जाता है।

वाघेला कई दलों में रहे
बता दें कि विगत 2017 में गुजरात के पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला ने क्षेत्रीय पार्टी- जन विकल्प भी लॉन्च की थी। उन्होंने चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें 1 प्रतिशत वोट भी नहीं मिले। गुजरात विधानसभा में उन्हें एक भी सीट नहीं मिल सकी। हालांकि, वाघेला ने खुद चुनाव नहीं लड़ा था। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक वाघेला 2019 में शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में भी शामिल हो चुके हैं। वाघेला कांग्रेस में बगावत की सुगबुगाहट से सुर्खियों में आया कांग्रेसी नेताओं का जी-23 ग्रुप से भी जुड़े रहे। अब चुनाव से कुछ महीनों पहले उनका नई पार्टी के गठन का ऐलान दिलचस्प फैसला साबित हो सकता है।

राजनीतिक सफर
वाघेला कभी भाजपा और अब के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी भी रह चुके हैं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद वाघेला नई पारी शुरू करने के प्रयास में थे, लेकिन 2017 में वाघेला कांग्रेस से भी अलग हो गए। वाघेला के बारे में सियासी पंडितों का मानना है कि उनके पाले का अंदाजा लगाना लगभग नामुमकिन है। कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार में सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने वाले वाघेला 1996 में भाजपा से अलग हुए थे। इसके बाद 2002 के गुजरात दंगों के बाद वाघेला को कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी ने गुजरात का कप्तान बनाया। हालांकि, इसके बाद नरेंद्र मोदी और शाह का दौर शुरू हुआ। वाघेला दोबारा कभी सीएम नहीं बन सके।












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