दिल्ली हिंसा: कोर्ट में दायर चार्जशीट में पुलिस का दावा सांप्रदायिक दंगा भड़काने की साजिश में शामिल था शाहरुख पठान
हिंसा: कोर्ट में दायर चार्जशीट में पुलिस का दावा सांप्रदायिक दंगा भड़काने की साजिश में शामिल था शाहरुख पठान
नई दिल्ली। फरवरी में देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा मामले में आज कड़कड़डूमा कोर्ट में तीन मामलों की चार्जशीट दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दायर की है। आज सभी 3 मामलों की चार्जशीट की जांच के दौरान, यह सामने आया है कि सांप्रदायिक दंगा भड़काना के लिए एक गहरी साजिश रची गई थी। इतना ही नहीं पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा भड़को में शाहरुख पठान भी शामिल था।

बता दें दिल्ली हिंसा मामले में क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में तीन आरोप पत्र दाखिल किए हैं। अब इस मामले में सुनवाई 15 जुलाई होगी। पुलिस क्राइम ब्रांच जांच एजेंसी ने मंगलवार को तीन अलग-अलग मामलों में आरोप पत्र दायर किए। इसमें मौजपुर चौक दंगा, कर्दमपुरी पुलिया दंगा और कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी दंगा शामिल हैं।

मौजपुर चौक दंगें में शाहरुख पठान ने रची थी ये साजिश
शाहरुख पठान और चार अन्य लोगों को दिल्ली में मौजपुर चौक पर साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने की गहरी साजिश में शामिल पाया गया है। शाहरुख पठान को फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानते हुए देखा गया था। पुलिस के मुताबिक मौजपुर चौक दंगा मामले में 24 फरवरी को सुबह 11 बजे दो समूह चौक पर आपस में भिड़ गए। इनमें से एक समूह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का समर्थन कर रहा था तो दूसरा समूह इसका विरोध कर रहा था। शुरू में विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन जल्द ही यह हिंसक हो गया और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर फेंकने के साथ ही आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं।
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एक व्यक्ति विनोद सिंह ने अपनी जान गंवा दी थी
इस घटना से कई पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी चोटें आईं और लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया। उस दिन, एक व्यक्ति विनोद सिंह ने संबंधित घटना में अपनी जान गंवा दी और उसके हत्यारों के खिलाफ हत्या का एक अलग मामला दर्ज किया गया। इनमें से एक समूह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का समर्थन कर रहा था तो दूसरा समूह इसका विरोध कर रहा था। शुरू में विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन जल्द ही यह हिंसक हो गया और दोनों ओर से पथराव होने लगा। दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर फेंकने के साथ ही आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई। घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। इस मामले में शाहरुख पठान सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पाया गया कि पठान एक अन्य मामले में मुख्य आरोपी है, जिसमें उसने सरेआम लोगों के बीच अपनी बंदूक हेड कांस्टेबल दीपक दहिया की ओर तान दी थी और गोली भी चलाई थी। उसके पास से 7.65 एमएम की अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूसों के साथ बरामद की गई थी। पुलिस ने कहा कि उसकी ओर से कई गोलियां दागी गई थीं और घटनास्थल से तीन खाली खोल बरामद किए गए थे।

कर्दमपुरी पुलिया मामला
इसके साथ ही कर्दमपुरी पुलिया मामले में मोहम्मद फुरकान की हत्या, चार लोगों को गोली लगने और 17 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात है। इलाके में 24 फरवरी को भारी पथराव हुआ था। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि 23 फरवरी को इलाके में भीड़ ने सीसीटीवी को नुकसान पहुंचाया था। चश्मदीदों के बयान और कुछ वीडियो के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मामले में चारों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। कर्दमपुरी सरकार डिस्पेंसरी मामले में हिंसक भीड़ ने दो पार्किंग में आग लगा दी थी। इसके साथ एक व्यक्ति की चाकू मार कर हत्या कर दी थी। वीडियो सबूतों के आधार पर चारों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
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