कश्मीर की बाढ़ में दिखा अलगावदियों का खौफनाक चेहरा
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कश्मीर में अलगाववादियों की घटिया हरकत को लोग नहीं भूलेंगे। अगर सेना की माने तो कश्मीर में अलगावादी आम जनता को भड़का रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा सेना के लिए राहत व बचाव मुश्किल होगा।

अलगाववादी चाहते क्या हैं? वरिष्ठ लेखक अवधेश कुमार ने ठीक ही कहा, जो सेना अपना और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर लोगों को निकाल रही है, उनको राहत दे रहीं हैं, उनको अस्पताल में ले जा रही हैं, उसके विरुद्ध ऐसे व्यवहार का मतलब क्या है?
बेहतर होगा कि सरकार सभी दलों से सेना के बयान पर राय मशविरा कर, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। राज्य सरकार उनको या तो नजरबंद करे या फिर गिरफ्तार करे।
सेना के खिलाफ अलगाववादी
अब सवाल पूछा जा सकता है कि क्या उन्हें भय है कि अभी तक जो वे सेना के खिलाफ लोगों को भड़काकर उसे खलनायक बनाने में सफलता पा लेते थे वैसा करना संभव नही होगा? क्या सेना के मानवीय पराक्रम से उन्हें यह चिंता सताने लगी है किहीं अवाम सेना को अपना हितैषी न मान बैठे?
इससे अलगाववाद के प्रति उनका झुकाव घटेगा एवं भारत के प्रति उनकी आस्था मजबूत होगी। निस्संदेह, यही वे कारण होंगे जिनके कारण अलगाववादियों ने ऐसी ओछी हरकतें की हैं।












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