NCP के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डीपी त्रिपाठी का दिल्ली में निधन
नई दिल्ली। एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डीपी त्रिपाठी (देवी प्रसाद त्रिपाठी) का दिल्ली में निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे।डीपी त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में हुआ था। वह जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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डीपी त्रिपाठी ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन सोनिया गांधी के विरोध में कांग्रेस छोड़कर एनसीपी ज्वॉइन कर लिया था। एक समय में वो प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेहद करीबी भी माने जाते थे।
डीपी त्रिपाठी के निधन पर एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने कहा, 'डीपी त्रिपाठी जी के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुःख हुआ। वे एनसीपी के महासचिव थे। हम सभी के मार्गदर्शक और संरक्षक थे। हम उनके परामर्श और मार्गदर्शन को याद करेंगे, जो उन्होंने उस दिन से दिया था, जिस दिन एनसीपी की स्थापना हुई थी। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
राज्यसभा में अपने आखिरी भाषण में डीपी त्रिपाठी ने कही थी ये बात
पिछले साल ही राज्यसभा से उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था। अपने विदाई भाषण में उन्होंने सेक्स के मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि आज तक इस पर संसद में चर्चा नहीं हुई, जबकि गांधी जी और लोहिया ने भी इस पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि सेक्स से जुड़ी बीमारियों के चलते मौतें होती हैं, लेकिन कभी इस पर बात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जिस देश में कामसूत्र जैसी पुस्तक लिखी गई थी, वहां की संसद में सेक्स जैसे विषय पर कभी बात नहीं की गई। इस पुस्तक को लिखने वाले वात्स्यायन को ऋषि का दर्जा प्राप्त था। अजंता-अलोरा की गुफाएं और खजुराहो के स्मारक इसी पर समर्पित हैं, लेकिन कभी संसद तक में यह मसला नहीं उठा। 1968 में राजनीति में आए डीपी त्रिपाठी को संसद के अच्छे वक्ताओं में शुमार किया जाता था।












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