Sengol New Sansad Building: उद्घाटन से पहले चर्चा या विवाद! स्मृति ईरानी ने 'गांधी खानदान' को आड़े हाथों लिया
Sengol New Sansad Building के उद्घाटन से पहले चर्चा का केंद्र बनी हुई है। संसद की नई इमारत के उद्घाटन के मौके पर तमिलनाडु से खासतौर पर मंगाई गई सेंगोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की जाएगी।

Sengol New Sansad Building के उद्घाटन से पहले चर्चा में है। भाजपा ने इसे पवित्र और प्राचीन धरोहर बताते हुए कांग्रेस पर अपमान और अनदेखी के आरोप लगाए हैं। तमिलनाडु से कई धर्माचार्य पीएम मोदी को सेंगोल भेंट करने दिल्ली आए हैं।
सेंगोल भेंट करने के लिए तमिलनाडु के कुछ खास आचार्य और धार्मिक कर्मकांड के जानकार लोगों को दिल्ली बुलाया गया है। इनका पदनाम अधीनम Adheenams और ओडुवार (Odivars) है। यही टीम संसद भवन की नई इमारत के उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेंगोल भेंट करेगी।
इसी बीच सेंगोल का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि सेंगोल धर्म का दंड है। ये भारत की लोकतांत्रिक आजादी का प्रतीक है, लेकिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की छड़ी के रूप में सेंगोल को गांधी परिवार ने एक म्यूजियम में रखवा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सेंगोल की महत्ता को कम करने की नीयत से गांधी खानदान ने न केवल सेंगोल को नेहरू जी की स्टिक बताया, बल्कि संसद की नई इमारत के उद्घाटन का बहिष्कार ये दिखाता है कि गांधी खानदान देश के इतिहास और लोकतंत्र के बारे में क्या सोचता है।
सेंगोल प्रकरण में खास बात यह भी है कि भाजपा के आरोपों को कांग्रेस ने सिरे से खारिज किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि सैंगोल के प्रकरण से भाजपा की छवि एक बार फिर उजागर हुई है। उनके पास दस्तावेजी सबूत नहीं होने के बावजूद चौंकाने वाले दावे होते हैं।
रमेश ने कहा कि ऐसा कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है कि लॉर्ड माउंटबेटन ने जब सत्ता का हस्तांतरण किया तो चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और पंडित नेहरू को सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण के रूप में प्रतीक दिया गया था।
संसद के उद्घाटन से पहले शुक्रवार शाम अधीनम और ओडुवार को दिल्ली के आर के पुरम स्थित स्वामी मलाई मंदिर में देखा गया। मलाई मंदिर के अध्यक्ष वी बालासुब्रमण्यम ने कहा कि सरकार ने Adheenams और Odivars को तमिलनाडु से इनवाइट किया है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों दल सैंगोल भेंट करेंगे। उन्होंने बताया कि संसद भवन के उद्घाटन से पहले शुक्रवार शाम अधीनम और ओडुवार मलाई मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अब तमिल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है।
तमिलनाडु से सेंगोल दिल्ली लाए जाने के बारे में बालासुब्रमण्यम ने बताया कि सेंगोल हमारे पास नहीं है। Adheenams और Odivars दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे हैं।












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