भारत के गणतंत्र दिवस के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही फ्रांस की सेना
नई दिल्ली। 26 जनवरी को जब भारत अपना 67वां गणतंत्र दिवस मनाएगी तो फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ होलांद बतौर चीफ गेस्ट परेड में शिरकत करेंगे।
न सिर्फ फ्रांस के राष्ट्रपति राजपथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होंगे बल्कि उनके देश की सेना भी पहली बार भारतीय गणतंत्र दिवस परेड में शमिल होगी।
पहली बार परेड में शामिल हो रही फ्रांस की सेना के जवान इस समय दिल्ली के सख्त मौसम में भी परेड के लिए मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। फ्रेंच आर्मी के जवान और आर्मी का बैंड दिन-रात परेड के लिए अभ्यास में जुटा हुआ है।
आगे की तस्वीरों में देखिए कैसे जवान परेड के लिए मेहनत कर रहे हैं। इनकी मेहनत को देखने के बाद आप भी मान जाएंगे कि हर बार जहां गणतंत्र दिवस की परेड कुछ खास होती है तो इस बार यह समारोह काफी विविधता लिए भी होगा।

आजादी के बाद पहला मौका
देश की आजादी के बाद यह पहला मौका है जब किसी दूसरे देश की सेना को गणतंत्र दिवस परेड के लिए बुलाया गया है।

सेना की 35वीं इंफ्रेंटी करेगी शिरकत
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान फ्रेंच आर्मी की 35वीं इंफ्रेंटी के 56 जवान और अधिकारी राजपथ पर नजर आएंगे। फ्रांस की सेना के 7वीं आर्मर्ड ब्रिगेड ने हाल ही में भारतीय सेना के साथ ज्वाइंट एक्सरसाइज पूरी की है।

आठ दिन चली थी एक्सरसाइज
दोनों देशों की सेनाओं के बीच शक्ति-2016 के नाम से ज्वाइंट एक्सरसाइज आयोजित हुई थी जो आठ दिनों तक चली थी।

फ्रांस से आए सैनिक
इस परेड में शिरकत करने के लिए फ्रांस से खास मार्चिंग दस्ता भारत पहुंचा है। जबकि कुछ सैनिक वहीं हैं जो एक्सरसाइज में शामिल हुए थे।

15वीं सदी से सक्रिय
फ्रांस की सेना का गठन 15वीं सदी में हुआ था। वर्ष 2014 के आंकड़ों के मुताबिक फ्रांस की सेना की ताकत 111,628 सैन्यकर्मियों की है।

संबंधों में नया मोड़
फ्रांस के राष्ट्रपति के बतौर चीफ गेस्ट शामिल होने और यहां की सेना के गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनने के बाद दोनों देशों के संबंधों में नया मोड़ आएगा, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।

पांचवीं बार फ्रेंच गेस्ट
भारत के लिए पांचवां मौका है जब फ्रांस का कोई नेता गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनने जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1976, 1980, 1998 और फिर 2008 में फ्रांस के नेता इस समारोह में शामिल हो चुके हैं।

बनेगा नया रिकॉर्ड
इसके साथ ही फ्रांस पहला ऐसा देश बन जाएगा जिसके नेताओं ने सबसे ज्यादा बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत की है।












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