आंध्र प्रदेश की रहस्यमयी बीमारी का राज खुला, मरीजों के खून में मिले भारी मेटल
नई दिल्ली- आंध्र प्रदेश के एलुरु में कथित रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आए मरीजों के खून में भारी मेटल मौजूद पाए गए हैं। एम्स के डॉक्टरों ने इस रहस्यमयी बीमारी के राज पर से पर्दा उठाया है। गौरतलब है कि इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से कीटनाशकों में इस्तेमाल होने वाले रासायनों की ओर संदेह जताया गया था। लेकिन, अब एम्स के डॉक्टरो ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि मरीजों के खून में लीड और निकल जैसे भारी मेटल की मौजूदगी पाई गई है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि ये भारी मेटल पीने के पानी या दूध के जरिए मरीजों के शरीर में जमा हुए। हालांकि, इस मामले में अभी आगे और भी जांच चल रही है।

लीड और निकल निकली रहस्यमयी बीमारी की वजह-रिपोर्ट
एम्स के डक्टरों ने छानबीन में प्राथमिक तौर पर पाया है कि पीने के पानी और दूध में मौजूद लीड और निकल एलुरु के रहस्यमयी बीमारी का प्रमुख कारण है, जिसकी चपेट में अब तक 500 से ज्यादा लोग आ चुके हैं और एक की मौत हुई है। अपनी प्राथमिक जांच के बाद एम्स और राज्य और केंद्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी को मंगलवार को एक रिपोर्ट सौंपी है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एम्स के विशेषज्ञों ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें रहस्यमयी बीमारी का कारण लीड और निकल बताया गया है।

अचानक बेहोश होकर गिरने के लक्षण पाए जा रहे हैं
इस बीमारी की चपेट में आए ज्यादातर मरीज अचानक बेहोश होकर गिर रहे हैं, जिससे उन्हें शरीर में किसी भी जगह पर हल्की से गंभीर चोटें आ जा रही हैं। फिर करीब दो घंटे बाद वह होश में आ जाते हैं। लेकिन, 45 साल के एक मरीज की इसकी वजह से मौत हो गई। लोग मिर्गी, उल्टी, घबराहट की शिकायतें भी करते देखे गए हैं। हालांकि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी और दूसरे इंस्टीट्यूट इसपर कुछ और टेस्ट अभी भी कर रहे हैं और उनके परिणाम भी जल्द आने की संभावना है। इससे पहले इस बीमारी की एक आशंका ऑर्गेनोक्लोरिन नाम के केमिकल को भी बताया गया था, जिसका इस्तेमाल कीटनाशकों में होता है। लेकिन, लैब से पुष्टि की का इंताजर किया जा रहा था।

विशेषज्ञों की कई टीम कर रही है जांच
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मरीजों के शरीर में हेवी मेटल मिलने की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने अधिकारियों से कहा है कि इसकी पुख्ता तहकीकात करें और मरीजों के इलाज की पूरी निगरानी रखें। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अबतक इसकी चपेट में 505 लोग आए हैं, जिनमें से 370 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 120 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं 19 लोगो को बेहतर इलाज के लिए विजयवाड़ा और गुंटूर भेजा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तैनात किए गए विशेषज्ञों के अलावा मंलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से तीन-सदस्यीय एक टीम एलुरु पहुंची थी और प्रभावित इलाकों में जाकर सैंपल जुटाए थे।

एलुरु में विशेष सफाई अभियान भी चलाए गए
इस बीच आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य) एकेके श्रीनिवास ने कहा है कि मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा है कि, 'यह रहस्यमयी बीमारी क्यों फैली इसकी विस्तृत जानकारी तभी मिलेगी जब केंद्रीय एजेंसियां अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। प्राथमिक तौर पर इसके फैलने के लिए लीड को ही कारण माना गया है।' इस बीच एलुरु शहर और उसके पास के ग्रामीण इलाकों और डेंडुलुरु में विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जहां से ये मामले सामने आए हैं। श्रीनिवास एलुरु का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने मंगलवार को वहां के पीने के पानी के टंकियों का मुआयना किया और सफाई अभियान की भी निगरानी की।












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