'बस इतने साल में मिल जाएंगे एलियन, इंसान बात भी करने लगेंगे दूसरी दुनिया के इस जीव से'

'बस इतने साल में मिल जाएंगे एलियन, इंसान बात भी करने लगे दूसरी दुनिया के इस जीव से'

नई दिल्ली, 13 सितंबर: हमेशा से वैज्ञानिक एलियन को लेकर नए-नए रिसर्च करते रहते हैं। लेकिन अभी तक किसी दूसरे ग्रह पर जीवन नहीं मिला है। लेकिन दुनियाभर के कई वैज्ञानिकों का मानना है कि सौर मंडल के बाहर जीवन जल्द ही मिलने वाला है। इसी क्रम में स्विट्जरलैंड के संघीय तकनीकी संस्थान ईटीएच ज्यूरिख की एस्ट्रोफिजिसिस्ट साशा क्वांज मानना ​​है कि मानवता अगले 25 वर्षों के भीतर हमारे सौर मंडल के बाहर जीवन के सबूतों को उजागर कर सकती है। वैज्ञानिक साशा क्वांज का कहना है कि 25 सालों के भीतर एलियन मिल जाएंगे।

एलियन से बात भी हो सकता है संभव

एलियन से बात भी हो सकता है संभव

यूनिवर्सिटी के ओरिजिन और प्रिवैलेंस ऑफ लाइफ के उद्घाटन में 2 सितंबर की प्रेस ब्रीफिंग में साशा क्वांज ने कहा, 25 सालों के अंदर एलियन से संपर्क भी साध लिए जाएंगे। उनके साथ संपर्क करने के लिए जरूरी उपकरण यानी तकनीक भी बना ली जाएगी।

'हम ब्रह्मांड में अकेले जीव नहीं हैं..'

'हम ब्रह्मांड में अकेले जीव नहीं हैं..'

साशा क्वांज ने कहा कि आज के विज्ञानी दुनिया में हमारे पास जो भी तकनीक मौजूद है, जैसे कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप, और प्रगति विज्ञान ने पहले ही 5,000 से अधिक एक्सोप्लैनेट है, उससे ये तो पता चल गया है कि हम ब्रह्मांड में अकेले जीव नहीं हैं। अन्य ग्रहों पर भी जीवन है। बस उन्हें खोजने की जरूरत है।

1995 में खोजा गया था पहला सौर मंडल से बाहर का ग्रह

1995 में खोजा गया था पहला सौर मंडल से बाहर का ग्रह

साशा क्वांज ने कहा कि ये बात साल 1995 की है कि जब मेरे दोस्त और नोबेल पुरस्कार विजेता डिडियर क्यूलोज ने सौर मंडल से बाहर पहला ग्रह खोजा था। और आज का वक्त है, जब पांच हजार से ज्यादा बाहरी ग्रहों की खोज की जा चुकी है। अब तो वैज्ञानिकों द्वारा हर दिन नए ग्रहों यानी एक्सोप्लैनेट्स की खोज की जा रही है।

Recommended Video

    UP के आसमान में Mysterious Light का क्या है राज ? | वनइंडिया हिंदी | *News
    'हमारे सौर मंडल के बाहर असंख्य ग्रह हैं...'

    'हमारे सौर मंडल के बाहर असंख्य ग्रह हैं...'

    वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारी आकाश गंगा में 10 हजार करोड़ से अधिक तारे हैं और हर तारे का एक साथी ग्रह भी है। वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि सौर मंडल के बाहर असंख्य एक्सोप्लैनेट्स यानी ग्रह हैं। साशा क्वांज ने कहा है कि पृथ्वी की तरह जो भी ग्रह अपने तारे से उपयुक्त स्थान पर हैं, वहां जीवन की संभावना और भी अधिक हो सकती है।

    'हमें वायुमंडल के बारे में और रिसर्च करने की जरूरत है...'

    'हमें वायुमंडल के बारे में और रिसर्च करने की जरूरत है...'

    साशा क्वांज ने कहा कि कुछ ग्रहों पर पानी की मौजूदगी है, लेकिन हमने अभी तक जिन भी ग्रहों की खोज की है, उनमें वायुमंडल है या नहीं, इस बात का पता नहीं चल पाया है। इसलिए हमें अब ये रिसर्च करने की जरूरत है कि इन बाहरी ग्रहों पर वायुमंडल है या नहीं। हमें उनपर बहुत ज्यादा फोकस करने की जरूरत है। ऐसा करने के बाद हमें खोज और रिसर्च करने में सफलता मिलेगी।

    'ये नए ग्रह तारे से इतनी दूर घूम रहे हैं...'

    'ये नए ग्रह तारे से इतनी दूर घूम रहे हैं...'

    साशा क्वांज ने इन बातों का खुलासा उस वक्त किया, जब जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने बृहस्पति ग्रह से 12 गुना बड़े एक्सोप्लैनेट की खोज की थी। इस रिसर्च में कहा गया है कि यह नया ग्रह अपने तारे से इतनी दूर घूम रहा है, जो सूर्य और धरती की दूरी से 100 गुना अधिक है।

    इस उपकरण पर काम कर रही हैं साशा क्वांज

    इस उपकरण पर काम कर रही हैं साशा क्वांज

    ईटीएच ज्यूरिख में डॉ साशा क्वांज और उनके सहयोगी एक मध्य-अवरक्त इमेजर और स्पेक्ट्रोस्कोपी उपकरण पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य अत्यधिक बड़े टेलीस्कोप के लिए है, जो वर्तमान में चिली में यूरोपीय दक्षिणी रिसर्च सेंटर द्वारा विकसित किया जा रहा है। ये टेलिस्कोप सबसे बड़ा ग्राउंड-आधारित टेलीस्कोप होगा, जब यह खुलता है, 130 फुट व्यास के शीशे के साथ और ईटीएच ज्यूरिख में विकसित किए जा रहे उपकरण के साथ, एक्सोप्लैनेट का अध्ययन कर सकता है जो वेब टेलीस्कोप नहीं कर सकता है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+