मिलिए स्वराज के असली शाहरुख से जिसने नासा के 10 करोड़ को मारी ठोकर
करनाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की प्रतिभाओं के देश से बाहर नहीं जाने की मुहिम शुरु की है। पीएम मोदी ने करनाल के कोयर गांव में रहने वाले राकेश को नासा के 10 करोड़ के पैकेज को अस्वीकृत कर भारत में रहने की अपील की है। पीएम की इस अपील के बाद राकेश ने नासा के तगड़े पैकेज को ठुकरा दिया है।

राकेश का 2014 के सितंबर माह में जूनियर रिसर्च साइंटिस्ट के तौर नासा में चयन हुआ था। नासा ने उन्हें 10 करोड़ रुपए के पैकेज का ऑफर दिया था। यही नहीं नासा ने उन्हे वीजा, टिकट सहित अन्य कई सुविधाओँ का भी प्रस्ताव दिया था। राकेश को 23 मार्च को अमेरिका रवाना होना था।
अमेरिका रवाना होने के महज कुछ दिनों पहले राकेश को पीएमओ से 17 मार्च को एक पत्र प्राप्त हुआ। इस पत्र में उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय आने का न्योता दिया गया। वहीं जब राकेश पीएमओ पहुंचे चो उन्हें वर्ल्ड आयुर्वेदिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट काउंसिल (डब्लूएआरडीसी) की सदस्यता दिए जाने की पेशकश के साथ उन्हें देश में रहकर ही अपनी रिसर्च पूरी करने का प्रस्ताव दिया गया। जिसे राकेश ने स्वीकार करते हुए नासा के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
राकेश की उम्र महज 22 वर्ष है और उन्होंने नेशनल बॉटनी रिसर्च इंस्टीट्यूट से परास्नातक की डिग्री हासिल की है। वह थैलीसिमिया और ग्लैंड कैंसर पर अपनी रिसर्च कर रहे हैं। यही नहीं उनकी 70 फीसदी रिसर्च लगभग पूरी हो चुकी है जिसके चलते उनका उनका नासा में भी चयन हुआ। लेकिन पीएमओ के आश्वासन के बाद राकेश ने भारत में ही रहकर अपनी रिसर्च को पूरा करने का फैसला लिया है।
राकेश के नासा का प्रस्ताव ठुकराने के बाद हरियाणा सरकार ने भी उन्हें न्योता भेजा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राकेश को सम्मानित करने का न्योता भेजा है। राकेश जल्द ही खट्टर से मुलाकात करेंगे।












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