मोदी सरकार की इन योजनाओं ने झारखंड में बदल दी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर
कोरोना ने दुनिया को ये यकीन दिला दिया है कि स्वास्थ्य ही वास्तविक पूंजी है। अपने हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है और प्राथमिकता भी। इसी दिशा में मोदी सरकार द्वारा देश में कई स्वास्थ्य योजनाओं की शुरुआत की गई है। केंद्र की इन स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ देश के अन्य राज्यों की तरह झारखंडवासी भी उठा रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से झारखंड में शुरू की गई स्वास्थ्य योजनाओं में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, मिशन इंद्रधनुष, नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना शामिल हैं।

ये वो स्वास्थ्य योजनाएं हैं जिन्होंने राज्य में विकास का एक नया अध्याय लिख दिया है। इन योजनाओं ने झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर ही बदल कर रख दी है। इन स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य हर गरीब और जरूरतमंद तक स्वास्थ्य के अधिकार को सुनिश्चित करना है। इसका लाभ आज पूरे देश की तरह झारखंडवासी भी उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित होने से लोगों को किफायती दामों पर दवाईयां मिल रही है। अमीर हों या गरीब सभी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। जन औषधि केंद्र पर लोगों की भीड़ इसकी पुष्टि करती है।
केंद्र सरकार ने गत वर्षों में झारखंड के चहुमुखी विकास के लिए बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में एयरपोर्ट और AIIMS सहित कई विकास परियोजनाओं की नींव रखी। देवघर में बना एम्स स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरे संथाल परगना के साथ-साथ झारखंडवासियों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है। झारखंड के विभिन्न इलाकों से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार के कई जिलों के मरीज भी यहां चिकित्सा सेवा का लाभ उठाने आते हैं।
देवघर एम्स ही नहीं राज्य के बाकी अस्पतालों में भी बेहतर इलाज की सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। दुमका में 300 बिस्तर वाले अस्पताल में भी इलाज और जांच की अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ 24×7 हेल्थ केयर सुविधा दी जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही आयुष्मान कार्ड योजना के तहत यहां लोग निःशुल्क अपना इलाज करवा रहे हैं।
मरीजों को घर के पास गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिले इसके लिए शहरों और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को आयुष्मान केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिए 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रावधान किया गया है। झारखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए इस साल गोड्डा में 48 स्वास्थ्य उपकेंद्र को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील करने की योजना है।
पूर्वोदय से भारत उदय के सपने को साथ लेकर चल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में झारखंड विकास के नित नए अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और आयुष्मान भव मिशन के तहत अब किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को इलाज के लिए दूर-दराज के स्थानों पर जाने के लिए की जरूरत बहुत कम पड़ती है। इंद्रधनुष मिशन शुरू होने बाद अब किसी मां को जन्म से पहले ही अपने बच्चे को संघर्ष करते हुए देखने का दर्द सहन नहीं करना पड़ता है। केंद्र की योजना के उपहारस्वरूप झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।












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