सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को दी 19 तक राहत, आरोपों को बताया संगीन
नई दिल्ली। गुजरात दंगों के पीड़ितों के फंड के दुरुपयोग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को 19 फरवरी तक की राहत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी तक उनकी अग्रिम जमानत को बढ़ाते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता को राहत तो जरूर दी है लेकिन अपने फैसले के दौरा तीस्ता पर सख्त टिप्पणी भी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दंगा पीड़ितों के चंदे के दुरुपयोग को हल्के में नहीं लिया जा सकता है
गौरतलब है कि तीस्ता पर एक करोड़ 51 लाख रुपये के फंड के दुरुपयोग का आरोप है। ये पैसा दंगों से जुड़ा एक म्यूज़ियम बनाने के लिए जमा किया गया था। दंगा पीड़ितों के लिए एक म्यूज़ियम गुलबर्गा सोसायटी में बनना था, जहां 2002 के दंगों में 60 लोग मारे गए थे। म्यूज़ियम बनाने की योजना बाद में स्थगित कर दी गई।
गुलबर्गा सोसायटी के 12 लोगों का आरोप है कि तीस्ता ने फंड का गलत इस्तेमाल किया, लेकिन तीस्ता का कहना है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। 25 मार्च, 2014 को सेशन कोर्ट ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। क्राइम ब्रांच ने पिछली जनवरी में तीस्ता और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी।












Click it and Unblock the Notifications