Coronavirus: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने कहा, 'कलयुग में हम वायरस से लड़ाई नहीं कर सकते'
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से इस समय पूरी दुनिया सहमी हुई है, स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में अभी कोरोना वायरस के कुल 147 मामले सामने आए हैं और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में इस महामारी के विस्तार और खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भी खौफजदा हैं। बुधवार को न्यायालय ने वकीलों और लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें बड़े स्तर पर इस महामारी से लड़ाई लड़ने की जरूरत है।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने कहा, ये महामारी हर 100 साल में होती हैं। कलयुग में वायरस से हम लड़ाई नहीं कर सकते। वह आगे कहते हैं कि मनुष्यों की निर्बलता को देखिए, आप सभी हथियारों को तैयार कर सकते हैं। लेकिन आप इस वायरस से नहीं लड़ सकते। हमें अपने स्तर पर इससे लड़ना होगा। जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, हम सभी को अपने-अपने स्तर पर इससे मुकाबला करना होगा, सिर्फ सरकार पर इसकी पूरी जिम्मेदारी नहीं है। अगर हम लड़ते हैं तो जरूर इस महामरी से पार पा सकेंगे। आपको अपने लिए लड़ना होगा किसी और के लिए नहीं।
जस्टिस अरुण मिश्रा के अलवा न्यायाधीश एमआर शाह ने वकीलों से अपील की है कि वह एक वकील के साथ ही चेंबर में आएं। वरिष्ठ वकील आर्यमान सुंदरम से बोलते हुए एमआर शाह ने कहा, आप सभी 5-6 वकीलों के साथ आते हैं। बार एसोसिएशन से भी अनुरोध है कि एक वरिष्ठ वकील को केवल एक वकील के साथ आना चाहिए। यह आखिरकार हमारे लिए है। बता दें कि दुनिया के 137 से भी ज्यादा देश कोरोना वायरस (COVID-19) से जंग लड़ रहे हैं। दुनियाभर में वायरस के कारण 6500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 64 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है।
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