भुल्लर को SC से राहत, फांसी की सजा उम्रकैद में बदली

सुप्रीम कोर्ट में भुल्लर की खराब मानसिक स्थिति का हवाला देकर उनके वकील ने कोर्ट से सजा में रियायत की अपील की थी। जिसके बाद सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों ही मुद्दों पर चर्चा की और आखिरकार भुल्लर की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने का फैसला सुना दिया।
गौरतलब है कि देवेंदर सिंह भुल्लर को 1993 में एक बम धमाका करने के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद भुल्लर की दया याचिका राष्ट्रपति के पास पहुंची, लेकिन वहां इसे खारिज कर दिया गया। लेकिन दया याचिका में फैसला लेने में हुई देरी को वजह बताते हुए भुल्लर की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, और मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने की मांग की।
भुल्लर 1993 में यूथ कांग्रेस के दफ्तर पर बम धमाका करने का दोषी है। इस बम धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 25 लोग घायल हो गए थे। गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी के हत्यारों की फांसी की सजा को भी देरी का हवाला देते हुए उम्रकैद में बदल दिया था।












Click it and Unblock the Notifications