मशहूर सरोद वादक पं.बुद्धदेव दासगुप्ता का निधन
नई दिल्ली। मशहूर सरोद वादक पं.बुद्धदेव दासगुप्ता का निधन हो गया है। दासगुप्ता 85 साल के थे और लंबी बीमारी से जूझ रहे थे। दासगुप्ता को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की और वो काफी लंबे वक्त से इस बीमारी से जूझ रहे थे। कोलकाता में आज अपने निवास स्थल पर उन्होंने आखिरी सांस ली।

आपको बता दें कि पंडित बुद्धदेव दासगुप्ता का जन्म 1 फरवरी 1933 को बिहार के भागलपुर में हुआ था। घर में शुरू से ही संगीत का माहौल था, इसलिए उनकी भी रूचि शुरू से ही संगीत में थी। उन्होंने सरोद उस्ताद संगीताचार्य राधिका मोहन मित्र से सरोद की शिक्षा ली। उन्होंने सरोद वादन में कई कामयाबी हासिल की और साल 2011 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार के लिए नामित किया गया था।
पंडित बुद्धदेव दासगुप्ता ने पद्मश्री लेने से ये कहते हुए इंकार कर दिया कि अब इस सम्मान के लिए बहुत देर हो चुकी है, हालांकि साल 2012 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी जीवनी पर 'बामानेर चंद्रस्पर्शविलास' की पुस्तक प्रकाशित की गई। साल 2004 में प्रकाशित ये किताब बंगाली आत्मकथाओं में सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब बन गई।












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